गाजीपुर। आधुनिक चकाचौंध से दूर अंग्रेजी माध्यम के कान्वेंट स्कूलों को छोड़ कर सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में अपनी बेटी का दाखिला पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने कराया है। वह वहां रोज समय से पढ़ने के लिए आती है और मिड-डे-मील भी खाती है। एसपी की यह पहल सरकारी अफसरों के लिए एक मिसाल मानी जा रही है। दो वर्ष की बेटी अंबावीर सिंह को एसपी की पत्नी प्रियंका सिंह प्रतिदिन विश्वेश्वरगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर साथ लेकर आती हैं। वह बच्चों के साथ पढ़ाई और खेलकूद के बाद घर चली जाती हैं। खास बात यह है कि वह केंद्र पर ही बनाए गए मिड -डे -मील को बड़े चाव के साथ खाती है और कभी-कभी पुष्टाहार भी घर ले जाती है।
वर्तमान में बेटे- बेटियों को महंगे प्ले स्कूल और शिक्षण संस्थाओं में भेजना एक चलन और स्टेटस सिंबल बन गया है। इस सुविधा से बच्चे आधुनिक शिक्षा पा सकेंगे। ऐेसे में सरकारी स्कूलों की तरफ शायद ही कोई अधिकारी ध्यान देता है। जिले के पुलिस कप्तान ने एक अलग ही मिसाल पेश की है। दो वर्ष की बेटी का उन्होंने बीते आठ फरवरी को शहर के विशेश्वरगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर दाखिला कराया है। इन्हीं अंबावीर स्कूल के गरीब बच्चों के साथ कतार में बैठ कर ककहरा सीखती है। उनके साथ घुल मिल कर खेलती है। हाथ में थाली लेकर मिड- डे -मील का भोजन लेती है। एसपी की बेटी प्रवेश लेते समय केंद्र की संचालिका अंजू कुशवाहा काफी आश्चर्यचकित थीं। अभी तक इतने बड़े अधिकारियों ने इस प्रकार के स्कूलों तथा केंद्रों से परहेज ही किया है। उनका कहना है कि अंबावीर काफी समझदार है तथा अनुशासन को पसंद करती है। एसपी की पत्नी प्रियंका सिंह ने बताया कि अंबावीर को यहां आना बहुत अच्छा लगता है। रोज समय पर तैयार करने की जिद करती है।