गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही कटान की रफ्तार भी बढ़ रही है। तीन दिनों से रफीपुर में हो रही कटान अब बड़हरिया, सोकनी और बयेपुर में होने लगी है। सोमवार की सुबह से शुरू कटान दोपहर तक 15 बिस्वा भूमि को काटकर गंगा में गिरा चुकी है। देवकली पंप खंड प्रथम के अवर अभियंता ने दोपहर बाद कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
रफीपुर में पिछले तीन दिनों से कटान का कहर जारी है। इन दौरान कई किसानों की दर्जनों बिस्वा भूमि कटकर गंगा में समाहित हो गई। सोमवार को रफीपुर के साथ ही बड़हरिया, सोकनी और बयेपुर में सुबह से ही कटान का क्रम शुरू हो गया। दोपहर तक 15 बिस्वा भूमि कटान की भेंट चढ़ गई। आज जिन लोगों की भूमि कटी, उनमें बड़हरिया के सुखराम यादव, देवनरायन यादव, राजनरायन यादव, अंबिका यादव, कपिलदेव, गोविंद, वंशनरायन, बहादुर यादव, बसई, बसगित शोभनाथ, शामू यादव, राजेश सिंह, कमलेश सिंह, रामअवतार सिंह, कृष्णा सिंह, राधेश्याम सिंह, धनंजय सिंह, नौदर के किसान शिवपूजन सिंह, रामपूजन सिंह, दिनेश सिंह, जनार्दन सिंह, सीरी सिंह, रामप्रबोध सिंह आदि शामिल हैं। इसके अलावा रफीपुर के पूजन बाबा आश्रम की कुछ भूमि भी कटकर गंगा में समाहित हो गई। दोपहर में देवकली पंप खंड प्रथम के अवर अभियंता अनवार अहमद एवं समशेर वर्मा ने कटान प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। अनवार अहमद ने बताया कि कटान के संबंध में तीन बजे जिलाधिकारी की बैठक आयोजित है। इसलिए आज की स्थिति की पूरी जानकारी और फोटो के साथ बैठक में भाग लेने की तैयारी की जा रही है। हो सकता है कटान रोकने के त्वरित उपाय पर चर्चा और निर्देश मिले। अधिकारियों ने प्रभावित होने वाले घरों से गंगा किनारे की दूरी नापी, रफीपुर पूजन बाबा आश्रम के पास तीन दिन में लगभग सात मीटर आश्रम की ओर एवं रफीपुर गांव के पास लगभग 12 मीटर तथा बड़हरिया तेजनरायन आदि के घरों के पास 5 मीटर तथा बयेपुर बस्ती के पास आठ मीटर घरों की तरफ गंगा का किनारा बढ़ गया है। यह स्थिति पिछले दस दिनों में ही हुई है। इन्हीं दस दिनों में गंगा ने बड़हरिया के तीन किसानों को भूमिहीन भी बना दिया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी उमाशंकर राम ने बताया कि आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।