गाजीपुर। सदर नगर पालिका का 14 सरकारी विभागों पर करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक का जलकर और गृहकर बकाया है। इनमें 12 विभागों ने 2012 से तो दो विभागों ने 2016 से कर का भुगतान नहीं किया है। इस फेहरिस्त में विकास भवन के साथ ही बिजली निगम, आबकारी विभाग, सीएमओ कार्यालय, मेडिकल कॉलेज, वन विभाग, राजकीय सिटी इंटर कॉलेज समेत करीब 14 सरकारी संस्थान हैं, जो नपा के कर्जदार बने हुए है, लेकिन इसमें रोचक तथ्य यह कि नपा के कर विभाग के जिम्मेदारों ने अब तक बकायेदार विभागों को डिमांड नोटिस भी नहीं दिया है।
नगर पालिका के जिम्मेदारों की सुस्ती के चलते सरकारी विभागों पर 2012 से ही जलकर और गृहकर बकाया है। इन विभागों से कर वसूली को लेकर साल-दर-साल लापरवाही बरती गई। इसके चलते 14 सरकारी विभागों पर नगर पालिका का करीब तीन करोड़ 50 लाख 10 हजार 249 रुपये का टैक्स बकाया हो गया है।
लंबे समय से कर जमा न करने के बावजूद नगर पालिका की ओर से इन विभागों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसका असर नगर पालिका की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।
सरकार से बजट की मांग की जाएगी और बजट प्राप्त होते ही संबंधित विभागों से नगर पालिका का बकाया कर जमा कराया जाएगा। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी।
पूर्व में संबंधित विभागों को कर जमा करने के लिए डिमांड नोटिस जारी नहीं किया गया था। नोटिस जारी कर वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। - डीके राय, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, गाजीपुर।