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Ghazipur News: 90 गांवों के 1.35 लाख लोग रोज पार करते हैं हाईवे, 114 किमी पर सिर्फ एक फुट ओवरब्रिज

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बरही गांव के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन को बीच से पार करते लोग। संवाद
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गाजीपुर। जनपद से गुजरे 114 किलोमीटर लंबे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन के आसपास 90 गांव आबाद हैं। इन गांवों की आबादी करीब 1.35 लाख है। बाजार, अस्पाल, खेत, बैंक आदि जगहों पर जाने के लिए प्रतिदिन लोगों को फोरलेन के एक से दूसरे लेन तक पैदल क्रॉस करना पड़ता है।
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फोरलेन पर 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भरने वाले वाहनों से राहगीरों की जिंदगी पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। जिम्मेदारों की ओर से राहगीरों की सुरक्षा व सहूलियत को लेकर कोई इंतजाम फोरलेन पर नहीं किया गया है।
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर आठ ऐसे स्थान हैं, जहां फुट ओवरब्रिज की जरूरत है, ताकि इसके इर्द-गिर्द बसे गांवों के लोग बेफिक्र होकर अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक से दूसरे लेन तक आवागमन कर सकें। जनपद में 114 किलोमीटर लंबे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर केवल एक जगह मिट्ठनपारा में फुट ओवरब्रिज बनाया गया है। बाकी बाजारों के आसपास राहगीरों की सुरक्षा व सहूलियत के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। फर्राटा भरते वाहनों के बीच लोग अपनी किस्मत के भरोसे एक से दूसरे लेन को पार करते हैं।
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उधर, वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन जनपद का पहला फोरलेन है। इसके पहले लोगों को केवल एनएच पर चलने का अनुभव था। एनएच पर चार पहिया वाहनों की स्पीड भी कम रहती थी। लेकिन, फोरलेन बनने के बाद वाहन अधिक से अधिक स्पीड में दौड़ते नजर आते हैं। दूसरी तरफ फोरलेन के आसपास ग्रामीण आबादी ही आबाद है। इनको यातायात नियमों को लेकर जागरूक करने की जरूरत भी नहीं समझी जाती है। लोग सामान्य सड़क की तरह ही फोरलेन पर इस पार से उस पार आवागमन करते हैं।
उधर, वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर एक से दूसरे लेन पर आवागमन करने में सबसे अधिक फजीहत बुजुर्गों व महिलाओं को होती है। कई बार ऐसा होता है कि एक से दूसरे लेन जाने के दौरान तेज गति से वाहनों को देखकर महिलाएं व बुजुर्ग सकपका जाते हैं। उनको समझ में नहीं आता है कि आगे बढ़ें, ठहरें या फिर अपने कदमों को वापस खीच लें।
औड़िहार एक महत्वपूर्ण स्थान है। इससे होकर भी वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन गुजरा है। औड़िहार जंक्शन पर विभिन्न ट्रेनों को पकड़ने के लिए लोग कई क्षेत्रों से आवागमन करते हैं। औड़िहार जंक्शन जाने के लिए लोगों को वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर एक से दूसरे लेन को पार करना पड़ता है। बरही चट्टी मरदह क्षेत्र के प्रमुख ग्रामीण बाजारों में अपना अलग स्थान रखता है। बाजार जाने के लिए लोगों को फोरलेन के एक से दूसरे लेन पर आवागमन करना पड़ता है। इसके साथ ही सावन में कांवड़ियों को भी महाहर धाम जाने के लिए एक से दूसरे लेन को पार करना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है।
उधर, हाईवे पर फुट ओवरब्रिज नहीं होने के कारण कई हादसे हो चुके हैं। बीते 5 जून 2025 सिधौना के पास एक लेन से दूसरे लेन पर जाते वक्त रामभरोसे (65) ट्रेलर की चपेट में आने से मौत हो गई। इसी तरह से 12 जनवरी 2025 को कुसम्ही कला के पास खेत जाने के लिए फोरलेन पार करते समय रामअवध (57) कार की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके अलावा 22 मार्च 2025 को शेखपुर के पास एक लेन से दूसरे लेन आवागमन के दौरान रामनिवास यादव (45) को ट्रक ने धक्का मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तरह से 13 अप्रैल 2025 को मऊपारा के पास एक लेन से दूसरे पर जाते वक्त राजू (48) की पिकअप की चपेट में आने से मौत हो गई। एनएचआई के पीडी अजय का कहना है कि वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर एक फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। एक अन्य फुट ओवरब्रिज निर्माण की कवायद चल रही है।
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