गाजीपुर। साधन सहकारी विभाग की नई व्यवस्था के चलते जनपद के 1.32 लाख किसानों को समितियों से खाद नहीं मिलेगी। नई व्यवस्था में सबसे पहले साधन सहकारी समितियों से सदस्यों को दी जाएगी। इसके बाद जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो गई है, उनमें खाद का वितरण किया जाएगा।जनपद में किसानों की संख्या करीब साढ़े चार लाख है जबकि साधन सहकारी समितियों के सदस्यों की संख्या एक लाख दो हजार है। जनपद में 2.70 लाख किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कराई है। इस तरह से 3.72 लाख किसानों को समितियों से खाद मिलेगी। जबकि शेष 1.32 लाख किसान नई व्यवस्था के दायरे से बाहर हो जाएंगे। उनको खाद के लिए निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत जो किसान समिति के खाद वितरण व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे, उनको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं शासन की ओर से नई व्यवस्था इसलिए की गई है कि साधन सहकारी समिति के सदस्यता अभियान व फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाई जाए।
निजी दुकानों पर नहीं रहता है विश्वास-गाजीपुर। शासन की खाद वितरण को लेकर की गई नई व्यवस्था से सभी किसानों को खाद मिलेगी। फर्क इतना है कि मानक के दायरे में आने वालों को ही समितियों से खाद दी जाएगी। अन्य को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि किसान समितियों से खाद लेने को प्राथमिकता देते हैं। इसके पीछे कारण यह है कि निजी दुकानों पर मिलावटी खाद मिलने की आशंका बनी रहती है। साथ ही सीजन में निजी दुकानदार ओवररेटिंग भी करते हैं।
सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर समितियों से खाद दी जाएगी। इसके बाद फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों में खाद का वितरण किया जाएगा। - विपिन कुमार सिंह, एआर कोआपरेटिव