क्षेत्र के लटिया गांव में सम्राट अशोक क्लब के तत्वावधान में 22वीं संगीति लटिया महोत्सव का आयोजन शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व एडीसी यमुना नगर हरियाणा डॉ. सतवीर सिंह सैनी एवं धम्म गुरु लामा लोब्जंग ने लटिया स्तंभ पर बौद्ध स्तुति एवं पंचशील प्रार्थना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता डा. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि आजादी के छह दशक बीत जाने के बाद भी भारतीय संविधान भारतीय जनमानस का ग्रंथ नहीं बन पाया और न ही राष्ट्रीय ग्रंथ के रूप में स्थापित ही हो पाया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेदों, उपबंधों का ज्ञान न होने के कारण मौका परस्त ताकतें भारतीय समाज को भ्रमित करती हैं। विशिष्ट अतिथि आईएएस डॉ. गौरव सिंह सैनी ने कहा कि भारतीय संविधान सर्वश्रेष्ठ है और इसका अनुसरण सभी को करना चाहिए। भंते लामा लोब्जंग ने सभी को बौद्ध धर्म के उद्देश्यों के बारे में बताया और बौद्ध नीति एवं उपदेशों का अक्षरश: पालन करने को कहा। राष्ट्रीय प्रवक्ता सच्चिदानंद मौर्य ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। आपसी भाईचारा एवं अखंडता के लिए इसी धर्मग्रंथ की जरूरत है। उन्होंने सभी से राष्ट्र के प्रति एकजुट रहने का आह्वान करते हुए राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को जरूरी बताया। इससे पहले पंचशील ध्वज, राष्ट्रीय ध्वज एवं सम्राट अशोक क्लब के ध्वज को फहराया गया और राष्ट्रीय गान हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों ने सम्राट अशोक क्लब के संस्थापक स्व. सुबास सिंह मौर्य को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस मौके पर परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी, धनंजय मौर्य, जय सिंह मौर्य, ऋषिकांत मौर्य, राजाराम मौर्य, श्रवण कुमार, राजेंद्र, आनंद, श्याम मोहन, सर्वजीत, मनोज, रामनिवास आदि उपस्थित थे। संचालन कुमार प्रवीण एवं गिरीश मौर्य ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ शशिकांत मौर्य, डॉ आरपी सिंह और डॉ गोपाल भी मौजूद रहे।
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पुलिस की रही चुस्त व्यवस्था
जमानिया। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकैटिंग कर रखी थी। बड़े एवं छोटे वाहनों को जाने की अनुमति नहीं थी। बड़े वाहनों को हेतिमपुर के पास खड़ा किया गया था। इस महोत्सव में कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी भी लगाई गई थी।
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सम्मानित हुई रसूलन बीबी
जमानिया। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। उनकी उम्र अधिक होने एवं चलने में असमर्थ होने के कारण सम्राट अशोक क्लब के कार्यकर्ताओं ने उन्हें मंच तक पहुंचाया। परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की शौर्य गाथा को विस्तार से लोगों को बताया।