गाजीपुर। सिटी रेलवे स्टेशन तिराहा पर सड़क किनारे विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। यह ट्रांसफार्मर सड़क से काफी सटा हुआ है। ट्रांसफार्मर से प्लेटफार्म से सटकर कई लोग सब्जी की दुकान लगाते हैं। ट्रांसफार्मर को लोहे की जाली लगाकर घेरा भी नहीं गया है। रोडवेज बसों के मोड़ से घूमने के दौरान ट्रांसफार्मर में सटने का भय बना रहता है।
किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर वैसे तो विद्युत विभाग ने नगर के अधिकांश ट्रांसफार्मरों के अगल-बगल लोहे की जाली लगवाकर घेरवा दिया, लेकिन अभी भी नगर के कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों को घेरा नहीं गया है। ऐसा ट्रांसफार्मरों के काफी करीब से लोग गुजरते है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। खासकर मवेशियों पर अधिक खतरा मंडराता रहता है। क्योंकि यह ट्रांसफार्मरों के पास पड़े कूड़ा-कचरा खाने और आसपास उगी हरियारी को चरने के चक्कर में ट्रांसफार्मर के काफी करीब चले जाते हैं, जिससे उनके करेंट की जद में आने की संभावना बनी रहती है। सबसे अधिक खतरनाक हालत में सिटी स्टेशन तिराहा पर लगा ट्रांसफार्मर दिखाई दे रहा है। यह सड़क से बिल्कुल सटकर प्लेटफार्मर पर स्थापित है। प्लेटफार्म से सटकर सड़क पर 11 हजार लाइन का खंभा भी लगा हुआ है। इस मार्ग पर रोडवेज भी पड़ता था, इससे सुबह से लेकर देर रात कर बसों के आने-जाने के क्रम बना रहता है। अधिकांश ऐसा होता है आवागमन के दबाव की वजह से इस तिराहा पर सुबह से लेकर देर शाम तक कई बार जाम लगता है। इस दौरान किनारे से निकलने के दौरान बसों के ट्रांसफार्मर में सटने के साथ ही हाईटेंशन खंभा से टकराने का खतरा बना रहता है। ट्रांसफार्मर के प्लेटफार्म से सटकर कई लोग सब्जी की दुकानें भी लगाते है। इस ट्रांसफार्मर की केबिल में कई बार आग लगने की घटना भी हो चुकी है, जिससे अफरा-तफरी मच चुकी है। बावजूद इसके विभाग सुरंक्षा की दृष्टि से ट्रांसफार्मर को कही स्थापित करने या घेरवानों को लेकर गंभीर नहीं है। इस संबंध में नगर एसडीओ शिवम राय ने बताया कि बहुत जल्द ही ट्रांसफार्मर को लोहे की जाली से घेरवा दिया जाएगा।