गाजीपुर। रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते मालगोदाम रोड पर ढाई वर्षों से निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उक्त मार्ग पर बस अड्डे का निर्माण चल रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही की वजह से आज तक उसे विभाग को सुपुर्द नहीं किया गया। ऐसे में रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की शिकायतों को भी विभागीय अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं।
वर्ष 2015 में शुरू हुए रोडवेज बस स्टेशन के भवनों का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। उच्चाधिकारियों के लाख निर्देश के बाद भी अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। रोडवेज बस स्टेशन के जर्जर भवनों और यात्रियों को हो रही दिक्कत को देखते हुए प्रदेश की पूर्व सरकार ने वर्ष 2015 में इसके कायाकल्प की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपीसीएल को सौंपी थी। करीब पांच करोड़ की लागत से बनने वाले रोडवेज बस स्टेशन का कार्य तो कार्यदायी संस्था की ओर से शुरू कर दिया गया, लेकिन निर्धारित समय के अंदर निर्माण कार्य पूरा किया जा सका। निर्माण कार्य अधूरा होने की वजह से रोडवेज बस डिपो के अंदर और बाहर यात्रियों के बैठने की कौन कहे खड़ा होने तक की जगह नहीं हैं। बाहर माल गोदाम रोड पर करीब दो किलोमीटर दूर तक दोनों तरफ बसें लगी रहती हैं। इसके चलते इस मार्ग से होकर स्टेशन और शहर के अन्य स्थानों के लिए जाने में लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यहीं नहीं सड़क के किनारे स्थित दुकानदारों के व्यवसाय पर भी काफी असर पड़ रहा है। तीन माह पूर्व परिवहन आयुुक्त गुरु प्रसाद सहित उच्चाधिकारियों और मंत्री बृजेश पाठक ने भी दौराकर जल्द से जल्द कार्यपूर्ण करने का निर्देश कार्यदायी संस्था और जिला स्तरीय अधिकारियों को दिया था। इसके बावजूद भी अभी तक कार्य निर्माण की चाल काफी धीमी ही है। निर्माण कार्य के दौरान खंडहर में तब्दील हो चुके बस स्टेशन पर रात के समय यात्री रुकने से भी कतराते हैं। खासकर बरसात के दिनों में बस स्टेशनों की स्थिति काफी नारकीय हो जाती है। यात्रियों को हो रही परेशानी के बाद भी बस स्टेशन भवन निर्माण के कार्य को गति नहीं मिल पा रही। पीके तिवारी, आरएम ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद भी अभी तक कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। परिवहन आयुक्त ने भी निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था।