गाजीपुर। प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर प्रदेश लेखपाल संघ की उपशाखा गाजीपुर की ओर से अपनी मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लेखपालों की शैक्षिक अर्हता स्नातक एवं पद नाम राजस्व उपनिरीक्षक करने एवं प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड-पे दो हजार से बढ़ाकर 28 सौ किया जाए।
धरना सभा में एसीपी विसंगति दूर करने, लेखपालों की पदोन्नति द्वारा राजस्व निरीक्षक के सभी पदों को भरने तथा विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी भी जिले में स्थानांतरण करने संबंधी लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन करने की मांग की। कहा कि मांग पूरा होने तक संघ चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से हक-अधिकार के लिए एकजुट होकर आगे आने की अपील की। सभा में जिला मंत्री रामलखन राम, तहसील उपाध्यक्ष विजय कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार, शशिकांत श्रीवास्तव, रामजन्म चौहान, ओमकार लाल श्रीवास्तव, रामकेर राम, विजयबहादुर, महामुनि चौरसिया, लालबहादुर, अनिल चौबे, द्वारिकानाथ दुबे, राजकपूर, केशवलाल, कुबेरराम, बेनीमाधव, सत्यदेव वर्मा, राकेश राय, आभा शुक्ला, नीशू राय, ज्योत्सना, दीक्षा त्रिपाठी, अभिषेक सिंह, मृत्युंजय राय, दुष्यंत सिंह एवं विवेकानंद ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष उदयप्रताप यादव एवं संचालन तहसील मंत्री रमेश राम ने किया। जखनियां संवाददाता के अनुसार तहसील के लेखपालों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरना सभा में कैलाश सिंह ने कहा कि लेखपाल संघ के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर हरिनाथ यादव, चंद्रबली यादव, अनिल कुमार यादव, सुदर्शन यादव, रामकृत, राजनारायण, अखिलेश, राजेश यादव, पन्ना, परमहंस मिश्रा, रामबचन उपस्थित थे। अध्यक्षता लालचंद राम एवं संचालन भूलेटन यादव ने किया। जमानिया संवाददाता के अनुसार लेखपाल संघ द्वारा छह सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को स्थानीय तहसील में धरना-प्रर्दशन किया गया। इस दौरान लेखपाल अपने कार्य से विरत रहे। सभा में जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र कुमार, मंत्री राजेंद्र प्रसाद यादव, राजनारायन, दयाशंकर, सुनील कुमार, कंचन, प्रियंका, अनुराधा, सुभाष, नरेंद्र पांडेय, संतोष तिवारी आदि लेखपाल उपस्थित थे।