गाजीपुर। जिलाधिकारी के बालाजी ने सोमवार को जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस बीच चिकित्सालय के अंदर एवं परिसर में प्रकाश की व्यवस्था कम होने पर उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) को निर्देश दिया कि वह अविलंब प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। निरीक्षण के दौरान पुरुष एवं महिला वार्ड का निरीक्षण किया। आकस्मिक कक्ष में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं वार्डेन उपस्थित मिले जबकि महिला वार्ड में चिकित्साधिकारी एवं वार्डेन अनुपस्थित रहीं।
जिलाधिकारी ने पुरुष वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों से अस्पताल से दवा आदि मुफ्त मिलने की जानकारी प्राप्त की। मरीजों के परिजनों ने बताया कि कुछ दवाओं को छोड़कर शेष दवाएं अस्पताल से ही मिल जाती हैं। चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सालय में जगह की कमी देखी गई। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने अवगत कराया कि पीजी कॉलेज के पास 200 बेड का नया चिकित्सालय बनकर तैयार है, लेकिन बजट के अभाव में आवश्यक उपकरण आदि की व्यवस्था न होने के कारण क्रियाशील नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में उन्हें निर्देशित किया गया कि शासन को पत्र प्रेषित करने के लिए आलेख प्रस्तुत किया जाय। जिला अस्पताल परिसर में नवनिर्मित मेटरनिटी चिकित्सालय को क्रियाशील कराने के लिए संबंधित एजेंसी से आवश्यक संपर्क कर तथा शासन से पत्राचार कर क्रियाशील कराने के लिए आदेशित किया गया। उन्होंने मौके पर उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि मरीजों तथा उनके साथ आने वाले व्यक्तियों से उचित प्रकार से व्यवहार किया जाए तथा उपलब्ध दवाओं को मरीजों को मुफ्त वितरित किया जाए। जिलाधिकारी ने जिला चिकित्सालय में निर्मित एनआरसी में भर्ती दो बच्चों के परिजनों से बच्चों को मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उनके द्वारा आवश्यक सुविधा प्राप्त होने की बात बताई गई।