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पुजारी की हत्याकर लूटी गई मूर्तियों के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

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गाजीपुर। करीब तीन माह पूर्व कासिमाबाद थाना क्षेत्र के इंदौर गांव स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी की हत्याकर लूटी गई तीन देवताओं की मूर्ति के मामले में पुलिस ने पांच शातिर बदमाशों को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके पास से एक तमंचा, दो कारतूस, चोरी मूर्ति से संबंधित अंगवस्त्र-माला, तीन जूट की बोरी, एक टाटा मैजिक और दान पेटिका से चुराए हुए 1300 रुपये भी पुलिस ने बरामद किया। पकड़े गए बदमाशों में से तीन पर जिले एवं गैर जनपदों के थानों में कई संगीन मामले दर्ज हैं। रविवार को एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी सोमेन वर्मा ने मामले का खुलासा किया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीते 23 अप्रैल की देर रात कासिमाबाद थाना क्षेत्र के इंदौर गांव स्थित रामजानकी मंदिर से शातिर बदमाश पुजारी गौतम दास की हत्या कर राम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्ति उठाकर फरार हो गए थे। इस मामले में कासिमाबाद थाने में बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। एसपी ने बताया कि रविवार की भोर में क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम भ्रमण करते हुए कुतुबपुर तिराहे के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से थानाध्यक्ष त्रिवेणीलाल सेन को सूचना मिली की बीते 23 अप्रैल की रात इंदौर गांव स्थित रामजानकी मंदिर के पुजारी की हत्या कर मूर्ति लूटने वाले बदमाश टाटा मैजिक से परजीपाह की तरफ से टोडर तिराहा होते हुए मऊ जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम टोडर तिराहे के पास घेराबंदी करके मैजिक के आने का इंतजार करने लगी। कुछ ही देर बाद एक मैजिक गाड़ी आती दिखाई पड़ी। पुलिस फोर्स को देख मैजिक गाड़ी रोकर बदमाश भागने लगे लेकिन पुलिस टीम ने सभी को धर दबोचा। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नशोपुर गांव निवासी राजकुमार उर्फ मुलायम, इसी थाना क्षेत्र के भीटी निवासी रमेश चौहान, नोनहरा थाना क्षेत्र के अख्तियारपुर गांव निवासी धुरंधर खरवार उर्फ दाढ़ी, मरदह थाना क्षेत्र जमुआरी गांव निवासी मदन मोहन सिंह बताया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि घटना को अंजाम देने से एक माह पहले राजकुमार उर्फ मुलायम, रमेश चौहान और मदन मोहन सिंह ने रेकी की थी। इसके बाद बीते 23 अप्रैल को मूर्ति चोरी करने के लिए गए थे। मूर्ति चोरी का विरोध करने पर पुजारी गौतम दास की गला दबाकर हत्या कर दी थी और मूर्ति लेकर फरार हो गए थे। बदमाशों ने बताया कि जब यह पता चला की मूर्ति अष्टधातु की नहीं है तो बीते 19 मई की रात मरदह थाना क्षेत्र के सिंगेरा के पास स्थित स्कूल में फेंककर भाग गए थे। मामले का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की।
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