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परंपरागत ढंग से किया गया होलिका दहन

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गाजीपुर। रंगों का पर्व होली गुरुवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर सभी ओर उत्साह बना रहा। हर आयु वर्ग के लोग रंग-अबीर और गुलाल से सराबोर दिखे। युवक-युवतियों से लेकर बच्चे तक एक-दूसरे को रंग लगाते रहे। परंपरा के तहत बुधवार को सभी स्थानों पर होलिका दहन किया गया। देर शाम तक बाजार गुलजार रहे। अंतिम समय तक खरीददारी होती रही। इधर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है।
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भाईचारे और सौहार्द के पर्व होली को मनाने की तैयारी को लेकर शहर, कस्बों तथा ग्रामीण बाजारों में बुधवार की देर शाम तक खरीददारी होती रही। बाजारों में कपड़े, जूते-चप्पल, रंग, अबीर, पिचकारी, सजावट तथा किराना आदि की दुकानों पर खरीददारी होती रही। जिले भर के मॉल शाप, रेडिमेड तथा हर छोटे बड़े कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी रही। युवतियों के लेगीज, टाप, कुर्ता, दुपट्टा, कैपरी के साथ ही फैशनेबल कपड़ों की खूब मांग बनी रही। दुकानों पर पहुंचे लोग खरीददारी के लिए देर तक कपड़ों को पसंद करते रहे। नए फैशनदार, कढ़ाई की साड़िय़ों की खरीद के लिए महिलाओं की भीड़ दुकानों में देर रात तक बनी रही। बच्चे तथा युवकों ने भी तरह-तरह के शर्ट, टी-शर्ट तथा जींस पैंट और ट्राउजर की खरीददारी की। इसके अलावा दर्जी की दुकानों पर भी भीड़ बनी हुई है। देर रात तक दर्जी कपड़ों को तैयार करते दिखे। खरीददारी के चलते दुकानदार काफी व्यस्त रहे। जेन्ट्स और लेडीज के लिए जूते-चप्पल की दुकानों पर भी बिक्री हुई। इस मौके पर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। इसी क्रम में चश्मा, बेल्ट, बनावटी तथा रोल गोल्ड के डिजाइन वाले गहनों की भी मांग बनी रही। युवतियों ने हल्के नाक, कान तथा सौंदर्य प्रसाधनों आदि की खरीद की तो महिलाओं ने चूड़ी, बिंदी और साज सजावट की वस्तुओं को पसंद किया। किराने की दुकानों पर रिफाइंड आयल, घी, मैदा, सूजी, बेसन की खरीद का दबाव बना रहा। इसके चलते दुकानदार काफी व्यस्त रहे। गरी, किशमिश, काजू आदि सूखे मेवे की भी अच्छी बिक्री रही। चिप्स पापड़, खोवा, गुझिया की दुकानों पर विशेष भीड़ रही । होली को लेकर प्रशासन तथा चिकित्सकों की ओर से कुछ दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। एसीएमओ तथा नेत्र सर्जन डा. डीपी सिन्हा ने लोगों को सुझाव देते बताया कि रंग खेलने से पूर्व शरीर पर आयल या क्रीम लगा लेना चाहिए। आंख में रंग पड़ जाए तो उसे साफ पानी या गुलाब जल से कई बार धोना चाहिए। गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

गाजीपुर। जिले भर में 2428 स्थानों पर होलिका रखी गई थी। शाम को निर्धारित समय पर पूजन कर गांव के गणमान्य या बुजुर्ग लोगों ने संवत फूंकने की परंपरा निभाई। इस मौके पर परिक्रमा कर लोगों ने घर-परिवार के निरोग की कामना की। शहर के विभिन्न स्थलों के साथ ही तथा गांव स्तर पर संवत जलाने की व्यापक तैयारी की गई थी। गांव, खलिहान आदि के चयनित स्थलों पर लकड़ी, उपले आदि सामानों को एकत्र किया गया था। परंपरा के मुताबिक घरों में महिलाओं ने सदस्यों को उबटन लगाया। उबटन छुड़ाने के बाद के अंश को लेकर तथा कुछ उपले आदि ले जा कर संवत स्थल पर एकत्र कर दिया जाता है। जब होलिका जलाई जाती है तो उसके साथ इन सामानों का भी दहन हो जाता है। इसके साथ ही शरीर के दुख दर्द और रोग आदि नष्ट हो जाते हैं।
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गाजीपुर। बुधवार को रंग अबीर और गुलाल की जबरदस्त बिक्री रही। नए चलन के तहत बाजारों में डियो स्प्रे तथा हर्बल रंगों की खूब मांग हुई। गुलाबी, लाल, हरा तथा पीला रंग का गुलाल और अबीर तरह-तरह के पैकेट तथा खुले में मिल रहा था। बंदूक वाली, परंपरागत तथा बोतल वाली पिचकारी की खरीद में बच्चों ने खूब उत्साह दिखाया। स्पाइडरमैन, ड्रैगन, टैडी वियर के साथ ही प्लास्टिक और स्टील आदि की पिचकारियों को बच्चों ने पसंद किया। होली की रंग बिरंगी, चमकीली टोपियां, नकली बाल, मुखौटे, रंगीन चश्मा की दुकानों पर भीड़ रही।
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