गहमर(गाजीपुर)। स्थानीय गांव सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से एक पखवारे में करीब एक दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। इससे पशुपालकों के होश उड़ गए हैं। पशुओं के मरने की खबर संबंधित पशु चिकित्साधिकारी को दी गई है, लेकिन अभी इस रोग से पशुपालकों को निजात नहीं मिल रही है।
क्षेत्र के करहिया, शेरपुर, गदाईपुर, हथौरी, बकैनिया, मरकड़ा, खुदरा पथरा आदि गांवों में दर्जन भर मवेशी अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर एक-एक कर मरते जा रहे हैं। पशुओं की मौत कैसे हुई है, यह ज्ञात नहीं हो सका है। पशुपालकों की माने तो मवेशियों को अचानक तेज बुखार आ रहा है और वह हांफने लग रहे हैं। देखते ही देखते उनकी मौत हो जा रही है। करहियां गांव के कविलास यादव की भैंस, सतदेव सिंह की गाय, लक्ष्मण राम की भैंस, पश्चिमी कैनाल गहमर के सुरेंद्र यादव की भैंस, बंशी यादव की भैंस, हथौरी के गोरख यादव की पाड़ी, सतन की पाड़ी आदि पशुपालकों के मवेशियों की मौत हो चुकी है। कई मवेशी रोग से ग्रसित हैं। पशु चिकित्सालय गहमर के चिकित्सक मिथिलेश कुमार ने बताया कि पशुओं में गला घोंटू के लक्षण नहीं मिले हैं, बल्कि जो लक्षण मिला है उसे निमोनिया कहा जा सकता है। लेकिन फिलहाल बीमारी रहस्यमय है। इसका पता लगाया जा रहा है।