गाजीपुर। प्रबंधन द्वारा सात जनपदों के निजीकरण के टेंडर वापस लेने एवं प्रदेश में कही भी कोई निजीकरण ना करने के संबंध में लिखित वादा करने पर बिजली कर्मचारी एवं अभियंताओं ने शुक्रवार को धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद विद्युत कर्मचारियों ने शहर में विजय जुलूस निकाला। इस मौके पर संघर्ष समिति के सहसंयोजक एवं जखनिया एसडीओ आशीष गुप्ता ने कहा कि ऊर्जा एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और प्रमुख सचिव के मध्य हुए लिखित समझौते के बाद संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में पिछले 19 दिन से चल रहे आंदोलन को वापस ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की उपस्थिति में पावर कारपोरेशन प्रबंधन से हुई वार्ता के बाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में लिखित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर प्रबंधन की ओर से प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन आलोक कुमार, प्रबंध निदेशक अपर्णा एवं निदेशक कार्मिक एसपी पांडेय ने हस्ताक्षर किया। बताया कि इंट्रीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर के लिए जारी की गई निविदा प्रबंध ने वापस ले लिया है। मालूम हो कि रायबरेली, कन्नौज, इटावा, ऊरई, मऊ, बलिया एवं सहारनपुर के निजीकरण के टेंडर फरवरी माह में किए गए थे। जिन्हें माह मार्च में निजी क्षेत्र के लिए हैंडओवर किया जाना था, जो अब वापस ले लिया गया है।
प्रदेश में में विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार कर्मचारियों एवं अभियंताओं को विश्वास में लेकर सार्थक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा बाइक जुलूस निकाला गया। बाइक जुलूस के माध्यम से विभिन्न मार्गों से होते हुए सरकार द्वारा निजीकरण के फैसले को वापस ले लिए जाने से अति उत्साह के साथ मार्ग में कई स्थानों पर रुककर शहर के जनमानस को निजीकरण से होने वाले नुकसान से अवगत कराया गया। उपखंड अधिकारी महेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार द्वारा समस्त मांगों को मान लिए जाने के कारण उनके फैसले का स्वागत करते हुए केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्देशों के अनुसार समस्त आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई। संघर्ष समिति के संयोजक निर्भय नरायण सिंह ने सभी कर्मचारियों एवं अभियंताओं को संघर्ष के दौरान एकजुट रहकर आंदोलन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर अधिशासी अभियंता एसके सिंह, एके सिंह, आशीष चौहान, महेंद्र मिश्र, एसएन मौर्य, शिवम राय, अभिषेक राय, अमित कुमार, चंद्रमा प्रसाद, रत्नेश जायसवाल, संतोष कुमार, मिथिलेश यादव, नीरज सोनी, प्रेमचंद, जितेंद्र गुप्ता, चित्रसेन, लेखाकार प्रशांत राय, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।