बहरियाबाद। क्षेत्र के हाजीपुर ग्राम पंचायत की आबादी की जमीन पर आबाद कब्जा को हटाने को लेकर रविवार को दिन में करीब 12 बजे दर्जनों विकलांगों ने स्थानीय थाना के बगल में विकलांग कार्यालय के सामने सैदपुर-चिरैयाकोट मार्ग पर चक्काजाम कर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ने समझा-बुझाकर छह घंटा बाद जाम समाप्त कराया।
जाम के दौरान विकलांग कन्हैया सोनकर ने कहा कि प्रधान द्वारा आबादी की जमीन पर कुछ लोगों को आबाद कर दिया, जिसमें दो कमरे का निर्माण उचहुवा निवासी ने कराया। उक्त मकान को गिराकर गरीब विकलांगों को आबाद किया जाए। धरना दे रहे जन कल्याण विकलांग सेवा समिति के अध्यक्ष रामविलास चौहान ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अवैध कब्जा को हटाया जाए। जाम की जानकारी होते ही तहसीलदार एवं सीओ मौके पर पहुंचे और जाम समाप्त करने के लिए समझाने लगे। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी जाम समाप्त करने को तैयार नहीं हुए।
शाम छह बजे एसडीएम जखनिया शिवशरण अप्पा जाम स्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाते-बुझाते हुए कहा कि कागज-पत्र देखने के बाद जो विधिक कार्रवाई होगी की जाएगी। इस पर छह घंटा बाद जाम समाप्त हुआ। जाम की वजह से आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मौके पर राजेश सिंह, कमलेश राम, डा. रमेशचंद्र, अरूण कुमार यादव, डा. नंदकिशोर, विक्रम सिंह, रामविलास यादव सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद रहीं।
जाम के दौरान पुलिस ने आबादी की जमीन पर मकान बनवाकर रहने वाले मुमताज और मंसूर अहमद से बातचीत की। इस दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि 1979 में ग्राम पंचायत की जमीन पर तत्कालीन ग्राम प्रधान ने आबादी की जमीन पर हम लोगों को आबाद कर दिया। इस पर हम दोनों दो कमरा बनवाकर रहते थे। कुछ दिनों पूर्व हम लोग उचहुवा चले गए थे। मकान खाली पड़ा रहा। पुन: आकर रहने लगे। बीते 18 जनवरी को उक्त मकान में कुछ लोगों ने जाकर तोड़फोड़ की। इस मामले में हम लोगों की तरफ से चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला तहसील में पहुंचा। मौके पर 20 जनवरी को तहसीलदार जखनिया पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और मकान की मरम्मत कराई थी। तहसीलदार जखनिया दिनेश कुमार ने कहा कि श्रावस्ती योजना अंतर्गत आबादी की जमीन के विवाद के निस्तारण के तहत मुमताज को आबाद किया गया, जो वैध है। इस मामले में जो सही होगा, वहीं किया जाएगा।