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आसान नहीं रहा अब आधार कार्ड बनवाना

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गाजीपुर। सहज जन सेवा केंद्रों अब आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। ऐसे में अब आधार कार्ड बनवाना आसान नहीं रह गया है। इसके लिए लोगों को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। कस्बों और ग्रामीण इलाकों में दी जाने वाली यह सुविधा पूरी तरह बंद है। लोग समय और पैसा खर्च कर जिला मुख्यालय आने के साथ ही विभिन्न बैकों और डाकघरों का चक्कर काट रहे हैं, बैंकों और डाकघरों से लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। सरकार की नई व्यवस्था के बाद लोग परेशानी में हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए एक सप्ताह का डेट दिया जा रहा है। गिने- चुने डाकघरों और बैंकों में ही यह सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए संबंधित बैंक और डाकघर कुछ फार्म बांटता है। फार्म लेने के लिए लोग भोर से ही कतार में लग जाते हैं।
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वर्तमान समय में आम और खास लोगों का महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार कार्ड बनाना अब आसान नहीं रहा। पहले की तरह इसे आसानी से नहीं पाया जा सकता है। पहले यह जन सेवा केंद्रों पर आसानी से बनाया जाता था। संचालकों की ओर से डाटा फीड कर दिए जाने के बाद कार्ड डाक से घर आ जाता था। बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकार ने इसे यूआईडी से हटा लिया। तय किया गया कि अब यह कार्ड राष्ट्रीयकृत बैंकों और डाकघरों में बनेगा। इसके बाद से लोगों की परेशानी बढ़ गई। अगर सरकारी आंकड़ों की माने जिले भर में करीब 34 डाकघरों और 175 बैंकों में आधार कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था है, लेकिन हकीकत यह है कि वर्तमान में 50 प्रतिशत स्थानों पर भी आधार कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। शहर के मुख्य डाक घर यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक और सिंडीकेट बैंक में आधार कार्ड बनवाने के फार्म के लिए लोगों को भोर से ही कतार में लगना पड़ रहा है। प्रतिदिन हर बैंक पर लगभग दो सौ लोग एकत्र हो रहे हैं। इनमे मात्र 25 लोगों को एक सप्ताह बाद आधार कार्ड मिल पाता है। इसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को फार्म तक नहीं मिल पाता, फिर वह चक्कर ही काटते रह जाते हैं। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार पूरे मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में कहीं आधार कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। लोगों को आधार कार्ड बनवाने या संशोधन के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। यहां एक मात्र केन्द्र ग्रामीण बैंक की मुहम्मदाबाद शाखा में चल रहा था। अकेला केन्द्र होने के कारण तीन बजे भोर से ही आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों की कतार लग जाती थी। बाद में इसे भी बंद कर दिया गया। तबसे तहसील क्षेत्र के लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। जमानिया संवाददाता के अनुसार पहले यहां तीन स्थानों पर आधार कार्ड बनाया जाता था लेकिन अब कहीं नहीं बनाया जा रहा है जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। नंदगंद संवाददाता ने बताया कि जनसेवा केंद्रों से इस सेवा को हटाए जाने के बाद अब तक किसी भी बैंक में यह सुविधा सुचारु रूप से नहीं चली। इसी प्रकार की स्थिति सैदपुर, भांवरकोल, दुबिहां, कासिमाबाद, सेंवराई आदि इलाकों में भी देखने को मिल रहा है।
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