मरदह(गाजीपुर)। पिपनार गांव में दूसरे दिन भी चिकित्सकों की टीम पहुंची। आंखों के पीड़ितों में दवा का वितरण करते हुए उचित सलाह दी। दूसरे दिन भी दर्जनों लोग आंख दर्द से परेशान रहे।
मालूम हो कि पिपनार गांव में शुक्रवार को मां काली पूजनोत्सव का कार्यक्रम आयोजित था। इसमें गांव के राजभर बस्ती के बगल में खाली पड़ी जमीन पर बिरहा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊसर जमीन को जोतकर बैठने योग्य बनाया गया था। जमीन पर पुआल डाल लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। रात भर दर्जनों लोग हाइड्रोजन बल्ब की रोशनी में बैठकर बिरहा का आनंद लेते रहे। सुबह उस समय गांव में हड़कंप मच गया था, जब पचास से अधिक लोगों की आंखों में दर्द, जलन होने के साथ ही आंख नहीं खुलने लगी। इसकी सूचना जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी गई। स्वास्थ्य टीम ने कैंप लगाकर पीड़ितों की आंखों की जांच करते हुए उन्हें दवा देने के साथ आवश्यक सुझाव दिया था। दवा के अभाव में दर्जनों लोगों को पर्ची देकर मेडिकल स्टोर भेजा गया था। दूसरे दिन रविवार को भी राजेंद्र राजभर, बेचन राजभर, महेंद्र, विनोद, लहरी, विजयभान गुप्ता, नाथा, रामकृत, रामू, रामअवध, सत्येंद्र सिंह, कमलेश पांडेय, तेजबहादुर सिंह, वकील चौहान, हवलदार राजभर, गुड्डू राजभर, लोचन राजभर, श्यामा खरवार, दुखंती खरवार, बेचन खरवार, शमशाद अंसारी, सोनू शर्मा, कैलाश कुशवाहा, सचितानंद ठाकुर आदि आंख से परेशान रहे। आज जिलाधिकारी के आदेश पर देर शाम सीएमओ डॉ. जीसी मौर्य दल-बल के साथ गांव पहुंचे। पीड़ितों से पूछताछ के बाद उन्हें दवा का वितरण करते हुए आराम मिलने के लिए सलाह दिया।