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Ghazipur News: दो वर्षों में 111 पानी टंकियां बन पाईं, आठ महीने में बनानी हैं 653

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गाजीपुर। जनपद में जल जीवन मिशन धीमी गति से चल रहा है। इसकी गवाही विभाग के आंकड़े खुद दे रहे हैं। कार्य की प्रगति इस प्रकार है कि निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूरा होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिले में वर्ष 2022 में जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत हुई थी। योजना को जून 2025 तक पूरा करना है। कुल 764 पानी टंकियों का निर्माण कराना लक्ष्य है। अब तक 111 पानी टंकियों का निर्माण हुआ है। ऐसे में अगले वर्ष तक 653 पानी टंकियों का निर्माण कराना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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गांवों के हर घर में शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए जल जीवन मिशन योजना का क्रियान्वयन किया गया है। इससे लगभग 39 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। पूरा प्रोजेक्ट दो करोड़ रुपये का है। इसके तहत प्रत्येक गांव में पानी टंकियों का निर्माण किया जा रहा है। जल निगम ग्रामीण की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने के साथ ही प्रत्येक घर में नल की टोटियां लगाने का भी कार्य किया जा रहा है। हालांकि विभाग का दावा है कि निर्धारित समयावधि में प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। गांवों की आबादी के अनुसार 50 से लेकर 500 किलो लीटर की क्षमता वाली पानी टंकियों का निर्माण कराना तय है। जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता कासिम हाशमी ने बताया कि जल जीवन मिशन में 700-800 टीमें लगाई गई हैं। निर्धारित समयावधि में योजना पूरी हो जाएगी।
80 प्रतिशत घरों में लगीं नल की टोटियां
गाजीपुर। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र के 4.50 लाख घरों में नल की टोटी लगाने का लक्ष्य है। दो वर्षों में तीन लाख घरों में नल की टोटियां लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 80 प्रतिशत घरों में नल की टोटी लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। सुबह-शाम प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। पेयजल आपूर्ति के लिए 11 हजार किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है।
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सोलर बेस्ड पंप से संचालित होंगी पानी टंकियां
गाजीपुर। पानी टंकियों का संचालन सोलर बेस्ड पंप से होगा। इससे लाभ यह होगा कि संबंधित गांव के ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए बिजली पर निर्भर नहीं रहेंगे। बिजली आपूर्ति ठप होने पर भी गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहेगी। वैसे भी गांवों में शहरों की अपेक्षा कम बिजली आपूर्ति होती है। इसीलिए व्यवस्था बनाई गइ्र है कि पानी टंकियों से पेयजल आपूर्ति सोलर बेस्ड पंप से किया जाएगा।
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