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Ghazipur News: मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं, फिजिशियन कर रहे उपचार

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गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज को स्थापित हुए और 200 बेड के पुरुष अस्पताल को संबंद्ध हुए चार वर्ष हो गए, लेकिन आज तक हृदय रोग विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में हृदय रोगियों के उपचार की जिम्मेदारी फिजिशियन के कंधे पर ही है। ईसीजी और खून जांच की व्यवस्था तो है, लेकिन गंभीर मरीजों के ईको टेस्ट व सर्जरी की कोई सुविधा नहीं है। जबकि सर्दी के मौसम में सामान्य दिनों की अपेक्षा हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाती है। यहीं नहीं ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी- पीएचसी की स्थिति तो यह है कि ऐसे मरीजों का उपचार करना तो दूर सीधे अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है। सर्दी का माैसम आते ही उच्च रक्तचाप और हृदय रोग की समस्या भी बढ़ जाती है। ब्लाॅक व तहसील स्तर के मरीजों को सीएचसी-पीएचसी से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। कई बार स्थिति तो यह होती है कि तत्काल उपचार न मिलने से रास्ते में ही मरीज की मौत हो जाती है। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से हृदय की बीमारी से पीड़ित मरीजों का उपचार फिजिशियन करते हैं। वर्तमान समय में अस्पताल में आठ फिजिशियन तैनात है, लेकिन गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटरों के लिए ही रेफर करना पड़ता है। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इनकी तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। ऐसे में फिजिशियन द्वारा ही हृ़दय बीमारी से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाता है।
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