गाजीपुर। पैतृक संपत्ति अपने नाम कराने के लिए अंजनी काफी दिनों से दबाव बना रहा था। इसके लिए पिता और छोटे भाई के राजी न होने पर उसने खतरनाक प्लान बनाया और अपनों का खून कर दिया। कलयुगी पुत्र द्वारा पिता और भाई की हत्या का खुलासा पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने शुक्रवार को सायंकाल पुलिस कार्यालय में किया। पकड़े गए हत्यारोपी के पास से नाइन एमएम का एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस टीम ने युसूफपुर रेलवे स्टेशन से दोपहर के वक्त हत्यारोपी को धर दबोचा।
पत्रकारों से पुलिस कप्तान ने बताया कि करीमुद्दीपुर थाना क्षेत्र के गोड़ऊर गांव में 20 सितंबर की देर रात शराब के नशे में धुत अंजनी राय ने दरवाजे पर सो रहे अपने पिता राजनारायण राय और भाई विनय राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी फरार हो गया था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की कुल चार टीमें गठित की गई थी। शुक्रवार को क्राइम ब्रांच और करीमुद्दीनपुर पुलिस की टीम उत्तमपुर पेट्रोल पंप के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली की पिता और भाई की हत्या करने वाला अंजनी राय युसूफपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर कहीं भागने के फिराक में है। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने बड़ी सतर्कता के साथ स्टेशन से पहले पैदल ही प्लेटफार्म पर पहुंच गई। पुलिस को अपनी तरफ आते देख आरोपी भागना चाहा, लेकिन दोपहर 1.30 बजे आरोपी को असलहा के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि पिता राजनारायण राय उसकी कोई बात नहीं सुनते थे। वह घर एवं जमीन-जायदाद से बेदखल करना चाहते थे। जमीन-जायदात को अपने नाम कराने को लेकर पिता और छोटे भाई को गोली मारने का काम किया। पुलिस अधीक्षक ने हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए पांच हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। सफलता प्राप्त टीम में प्रभारी क्राईम डब्रांच प्रभारी तेज बहादुर ज्ञ्सिंह, थानाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह, संजय कुमार पटेल, नरेंद्र बहादुर सिंह, संजय प्रसाद, विकास श्रीवास्तव, भाई लाल सोनकर, रामप्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार यादव, सलीमुद्दीन, आशुतोष सिंह आदि मौजूद रहे।