गड्ढे में तब्दील लंका से कचहरी जाने वाला मार्ग।
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गाजीपुर। शहर की सड़कों की हालत इन दिनों काफी खराब है। प्रमुख छह सड़क की स्थिति यह है कि मात्र 500 मीटर की दूरी में ही 100 से अधिक गड्ढे हैं। इसकी चौड़ाई और गहराई भी दो से तीन फीट तक है। यहीं नहीं कहीं- कहीं तो सड़क धंसने से हादसा मंडरा रहा है। खासकर लंका से कचहरी, सकलेनाबाद से तिलकनगर, सिटी रेलवे स्टेशन से फुल्लनपुर रेलवे क्रासिंग की हालत ताे ऐसी है कि थोड़ी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। वहीं जिम्मेदार प्रस्ताव बनाकर भेजने और धनराशि अवमुक्त होने के बाद दुरुस्त कराने का कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। लंका से कचहरी जाने वाले मार्ग से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। वजह इसी मार्ग से होकर टोटो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कचहरी, कलेक्ट्रेट, विकास भवन सहित विद्यालयों के लिए भी लोग आते-जाते हैं। यहीं नहीं सुबह से लेकर रात तक इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बना रहता है। इस मार्ग की स्थिति यह है कि लंका तिराहे से एक निजी होटल तक दोनों तरफ सड़क चार से पांच फीट गड्ढे में तब्दील है। इससे टोटो के पलटने का खतरा रहता है। वहीं सकलेनाबाद से तिलकनगर जाने वाली सड़क पर भी सुबह से शाम तक लोग आवागमन करते हैं। इस मार्ग पर दुर्गा मंदिर से लेकर पोखरे तक 100 गड्ढे हैं। अब इस मार्ग पर सिर्फ मिट्टी ही दिखाई पड़ रही है। थोड़ी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो रही है। सिटी रेलवे स्टेशन से फुल्लनपुर रेलवे क्राॅसिंग को जाने वाला मार्ग लंका से अष्टभुजी कॉलोनी होते हुए फुल्लनपुर मार्ग पर जाकर मिलता है। ऐसे में मात्र एक किमी में 100 से अधिक दो से तीन फीट के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। इसके अलावा सिंचाई विभाग चौराहा से विकास भवन जाने वाली सड़क स्थित सदर विकास खंड के पास सड़क धंस गई है। चार फीट का गड्ढा बना हुआ है। करीब 100 से 200 मीटर तक मार्ग दलदल में तब्दील है।
नगर पालिका की खराब सड़कों की पैचिंग दो दिन में शुरू हो जाएगी। गड्ढों में ईंट और पत्थर भरने के बजाए उन्हें कुछ दूर तक काटकर सीसी बनाने का काम होगा। इससे आवागमन बेहतर हो सकेगा। - धीरेंद्र कुमार राय, ईओ नगर पालिका परिषद गाजीपुर