पटेल मार्ग के पास बोंझा में प्लास्टिक कारोबारी के मुनीम से बाइक सवार बदमाशों ने तीन लाख रुपये लूट लिए। बुधवार दोपहर हुई इस वारदात में मुनीम उन्हें पकड़ने के लिए पीछे दौड़ा तो बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी।
कुल पांच गोलियां चलाईं जिनमें से दो मुनीम के दोनों पैरों में लगी। उसके दोनों पैर में फैक्चर है। वारदात की सूचना पर पुलिस अफसर घटनास्थल पर पहुंचे और पड़ताल की। घायल मुनीम को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, लूट की इस वारदात से शहर के व्यापारियों में रोष है।
पुलिस के मुताबिक, राजनगर सेक्टर-7 में रहने वाले प्लास्टिक कारोबारी राजीव चौधरी की बोंझा में दुर्गा इंटरप्राइजेज के नाम से प्लास्टिक दाने की फैक्ट्री है। वह ट्रेडिंग और मैन्यूफैक्चरिंग करते हैं। फैक्ट्री में महात्मा प्रसाद (52) मुनीम 25 साल से कार्यरत है।
राजीव चौधरी के साले सुशील ने बताया कि दोपहर करीब सवा दो बजे मुनीम मेरठ रोड स्थित पीएनबी से तीन लाख रुपये लेकर स्कूटर से फैक्ट्री लौट रहा था। बदमाशों ने फैक्ट्री के पास ही वारदात की।
मुनीम ने बताया कि वह गली में स्कूटर खड़ा कर लघुशंका के लिए रुका, तभी बाइक सवार दो बदमाश आए। एक बदमाश ने स्कूटर को धक्का मारा, विरोध करने पर दूसरे ने उसे पकड़ लिया। दूसरे बदमाश ने स्कूटर में लगी चाभी निकाल कर डिग्गी खोली और तीन लाख रुपये निकाल लिए।
मुनीम ने बदमाशों का पीछा किया तो उन पर फायरिंग कर पटेल मार्ग की ओर भाग गए। दो गोलियां पैर में टखने के पास लगने से वह गिर गए। गोलिया की आवाज सुनकर पहुंचेे लोगों ने उन्हें उठाया। पुलिस को लूट की सूचना दी गई।
उध्ार, एसपी सिटी सलमान ताज का कहना है कि बदमाशों की तलाश में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया गया। बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके। लूट और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, बदमाशों की तलाश में तीन टीमें लगी हैं।
सीसीटीवी में कैद बाइक से सुराग की तलाश
सीओ द्वितीय विजय प्रताप सिंह ने बताया कि घटनास्थल के आसपास कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनकी फुटेज से लुटेरों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि बदमाशों की फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
चेहरे ढके होने से उनको ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। उनकी बाइक से क्लू तलाशे जा रहे हैं। पुलिस ने बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली है। फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों का भी ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
जान नहीं लेना चाहते थे बदमाश
बदमाशों ने चेहरे ढक कर पहचान छुपाने की कोशिश की और मुनीम के पैरों में गोलियां मारीं। पुलिस का कहना है कि बदमाश मुनीम को सिर्फ डराना चाहते थे। उनकी मंशा जान लेना नहीं थी। अंदेशा है कि इस वारदात में किसी जानकार का हाथ हो सकता है। संभव है कि बदमाशों ने बैंक से ही मुनीम की रेकी की हो।
पुलिस को देरी से मिली सूचना
सीओ द्वितीय विजय प्रताप यादव ने बताया कि पुलिस को वारदात की सूचना करीब 20-25 मिनट बाद मिली। इससे बदमाशों को भागने का मौका मिल गया। वारदात के वक्त वह पटेल नगर में ही गश्त कर रहे थे, समय रहते सूचना मिल जाती तो बदमाशों को घटना के तुरंत बाद ही पकड़ा जा सकता था।
खुद बांधी पट्टी, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
फैक्ट्री मालिक के साले सुशील ने बताया कि वारदात के बाद खून बहता देख मुनीम घबरा गए। उन्होंने हिम्मत दिखाई, खून रोकने के लिए लोगों से पट्टी मंगवाई और खुद ही पैर में बांधी। बाद में पहुंची पुलिस पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।