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ट्रेनों में लूट करने वाले दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार

Sun, 06 Mar 2016 08:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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लंबी दूरी की ट्रेनों में लूट की वारदात करने वाले दो बदमाशों को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 20 हजार की नगदी और एक लाख से ज्यादा कीमत की ज्वैलरी बरामद की है। पकड़े गए बदमाश गाजियाबाद से गुजरने वाली 8 ट्रेनों में वारदात कर चुके हैं।
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हाल ही में उन्होंने 3 मार्च को न्यू फरक्का में एक परिवार से चेन लूटी थी। पकड़े गए बदमाश देवा उर्फ दीपक निवासी सुंदरपुरी विजयनगर और जगबीर उर्फ जग्गा निवासी कांशीराम कालोनी विजयनगर है।

इंस्पेक्टर जीआरपी पंकज लवानिया ने बताया कि दोनों बदमाशों को मुखबिर की सूचना पर प्लेटफार्म नंबर-3/4 से शनिवार देर शाम गिरफ्तार किया गया था। उनकी निशानदेही से सोने की तीन चेन और करीब 20 हजार की नगदी बरामद की गई है।
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उन्होंने बताया कि देवा और जगबीर लंबी दूरी की ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में पर्स, ज्वैलरी और बैग लूटने की वारदात करते हैं। जगबीर उर्फ जग्गा पैर से विकलांग है और ट्रेनों में यात्रियों को चिह्नित कर देवा को इशारा कर देता है।

देवा वारदात कर कोटगांव के पास आउटर पर ट्रेनों से कूदकर फरार हो जाता है। बाद में जग्गा भी ट्रेन धीमी होने पर ट्रेन से उतर जाता था। इंस्पेक्टर पंकज लवानिया ने बताया कि पकड़े गए दोनों बदमाशों ने इसी साल 11 जनवरी को पद्मावत एक्सप्रेस में पर्स लूट, 30 जनवरी को कामाख्या एक्सप्रेस में पर्स लूट, 22 फरवरी को पद्मावत एक्सप्रेस में 30 जनवरी को प्रयागराज एक्सप्रेस में, 22 फरवरी को नई दिल्ली-लखनऊ सुपरफास्ट में पर्स लूट की वारदात की थी।

3 मार्च को इन बदमाशों ने तीन वारदात की। इस दिन उन्होंने सप्तक्रांति एक्सप्रेस में पर्स, चेन व चश्मा लूटा था। देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस में चेन लूटी थी। तीन मार्च को ही न्यू फरक्का एक्सप्रेस में इंदिरापुरम निवासी प्रवीन की पत्नी से एसी कोच में कोटगांव फाटक के पास चेन लूट की।

हालांकि उनके सतर्क हो जाने से बदमाश चेन का आधा हिस्सा ही लूट पाए। यह चेन बदमाशों ने 11 हजार रुपये में बेच दी थी। पीड़ित ने बरेली जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जेल से छूटते ही फिर वारदात में शामिल हुआ देवा

जीआरपी प्रभारी पंकज लवानिया ने बताया देवा उर्फ दीपक दिल्ली के हर्ष विहार थाने से जेल भेजा गया था। 5 नवंबर 2015 को वह जेल से बाहर आया था। जेल से छूटते ही देवा ने ताबड़तोड़ कई वारदातें की।
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गाजियाबाद-दिल्ली के थाने में 16 मुकदमें दर्ज है देवा पर

देवा पर विजयनगर थाने में वर्ष 2013 में चोरी और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है। उस पर इंदिरापुरम थाने में वर्ष 2013 में ही लूट के 11 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा दिल्ली के हर्ष विहार थाने में लूट के दो मुकदमे और क्राइम ब्रांच दिल्ली में चोरी का एक मुकदमा दर्ज है।
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