गाजियाबाद। अब वो दिन दूर नहीं, जब पुलिसवालों के हर मूवमेंट को एसएसपी से लेकर डीजीपी तक ‘लाइव’ देख सकेंगे। घटनास्थल पर पहुंचने के समय से लेकर वहां की गई पुलिस की कारगुजारी तक, देखी जा सकेगी। यह सब संभव होगा अत्याधुनिक उपकरणों के जरिये, जो पुलिस के वाहनों में लगने शुरू हो गए हैं। इसकी शुरूआत प्रदेश में गाजियाबाद से कर दी गई है। इसके लिए जिले को साढ़े सात करोड़ रुपये मिले हैं।
एसपी सिटी शिवशंकर यादव ने बताया कि व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम के तहत पुलिस के वाहनों में जीआईएस और जीपीएस सिस्टम लगवाए जा रहे हैं। सेटेलाइट से जुड़े ये सिस्टम पीसीआर, लैपर्ड, ईगल या पुलिस के वाहनों में लगने के बाद इन्हें कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा। साथ ही इंटरनेट से भी जोड़ा जाएगा। जहां-जहां सीसी टीवी कैमरे लगे हैं, वहां से लाइव देखा जा सकेगा। जबकि जहां सीसी टीवी कैमरे नहीं हैं, वहां सेटेलाइट के जरिये वाहनों की लोकेशन इंटरनेट पर देखी जा सकेगी। इंटरनेट पर इसे कनेक्ट करने के लिए सॉफ्टवेयर होगा, जिस पर जिले का मैप आ जाएगा और जहां भी वाहन होगा वहां ब्लिंक होने लगेगा। ठेका नोएडा की एक निजी कंपनी को दिया गया है।