गाजियाबाद। गोविंदपुरम में तीन दिन पहले पुलिस पर हमला करने वाले बदमाशों के तार ‘बंटी-बबली’ गैंग से जुड़ रहे हैं। ये वही गैंग है, जिसके बदमाश लग्जरी लाइफ जीते हैं। वारदात कर एक शहर से दूसरे शहर एरोप्लेन में सफर करते हैं। गिरोह के दो बदमाश कचहरी में अभिरक्षा से फरार हो चुके हैं। तफ्तीश में ये अहम सुराग सामने आए हैं।
वर्ष 2011 में गैंग के बदमाश विक्रम और मुकेश को एक युवती के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 25 नवंबर 2011 को डासना जेल से कचहरी पेशी पर आए दोनों बंदी विक्रम, मुकेश पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए थे। आरोपी सिपाहियों राजेंद्र और श्याम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। युवती को पुलिस ने जेल भेज दिया था, मगर बाद में पुलिस को 169 के तहत युवती को जेल से छुड़ाना पड़ा था। कविनगर एसओ ने बताया कि पुलिस तफ्तीश इसी गैंग पर टिक गई है। छानबीन जारी है।
गांधीनगर वारदात ः कसा शिकंजा
उधर, पुलिस ने गांधीनगर में पुलिस पर हमला करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। सूत्रों का दावा कि पुलिस जल्द वारदात का खुलासा करेगी। एक बदमाश पुलिस के शिकंजे में भी आ गया है।