गाजियाबाद। राजनगर में बुजुर्ग मां-बेेटे हत्याकांड में कई अहम बिंदु ऐसे रह गए, जिनकी पुलिस गहराई से पड़ताल नहीं कर पाई। मृतक एस कुमार का मोबाइल वारदात के चार दिन बाद फ्रीजर में रखा मिला है। मोबाइल पूरी तरह से खराब हो चुका है। दो बिंदु और हैं, जिन्होंने पुलिस को तफ्तीश को उलझाया है। एक मृतक का सूटकेस किचन में मिलना और महिला की लाश खींच दूसरे कमरे में ले जाना। पुलिस इन तीनों हरकतों को समझ नहीं पाई। या तो वह बेहद शातिर है या फिर सनकी।
एसओ कविनगर ने बताया कि फ्रीजर में मोबाइल मिलने की बात मृतक एस कुमार के भाइयों ने फोन करके बताई थी। पुलिस ने उस समय फ्रीजर खोलकर नहीं देखा था। पुलिस एस कुमार के मोबाइल सिम की कॉल डिटेल निकलवाई है, उससे कोई खास क्लू नहीं मिला है। किचन में मिले सूटकेस में कुछ कागजात मिले हैं, लेकिन उससे भी कातिल का कोई सुराग नहीं मिला।
तीनों भाई गए, कोठी में लटका ताला
मृतक एस कुमार के तीनों भाई राजनगर से चले गए हैं, उनकी कोठी में ताला लगा दिया गया है। एसओ ने इसकी पुष्टि की है। एस कुमार से तीन छोटे भाई हैं, जिनमें एस राज दिल्ली रहते हैं, प्राइवेट कंपनी से रिटायर्ड हैं। एस चंद्र एनटीपीसी हैदराबाद और एस गणेश सिंडीकेट बैंक चेन्नई में कार्यरत हैं।
एक और थ्योरी
पुलिस वारदात की एक नई थ्योरी पर काम कर रही है। कातिल कागजात या संपत्ति संबंधी कोई बात करने घर पर आया होगा। इस दौरान बात बढ़ गई और उसने कत्ल कर दिया। यही वजह रही कि वह बाहर से कोई हथियार लेकर नहीं आया। उसका मकसद कत्ल नहीं था, लेकिन ऐसे हालात बने कि उसे हत्याएं करने पड़ी।
बैंक एकाउंट में मिले 50 लाख रुपये
पुलिस तफ्तीश में ये बातें छनकर आ रही हैं कि एस कुमार और उनकी मां की हत्या की कहानी पैसे और संपत्ति के इर्द-गिर्द बुनी गई है। एसएसपी ने बताया कि एस कुमार के एकाउंट में 50 लाख रुपये मिले हैं। दूसरी तरफ, राजनगर में उनकी कोठी एक करोड़ रुपये से ज्यादा की है। कत्ल की वजह पैसा या संपत्ति ही लग रही है।