फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौकरों के भरोसे न छोड़ें बच्चों को

Sun, 13 Jan 2013 05:30 AM IST
Ghaziabad
विज्ञापन
विज्ञापन
समाज को शर्मसार करने वाली घटनाओं ने बढ़ा दी पैरेंट्स की चिंत
विज्ञापन

गाजियाबाद। समाज में मासूम बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी ने उन पैरेंट्स की नींद उड़ा दी है, जिनके घरों में बेटियां हैं। कामकाजी वुमन आजकल ज्यादा चिंतित हैं क्योंकि अपने बच्चों की देखभाल के लिए उन्होंने या तो घरेलू नौकर रखे हैं या मेड। आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं के बाद वे भी सोचने पर मजबूर हैं कि इन पर कैसे और कितना भरोसा करें। हाल ही में स्कूलों में हुईं यौन शोषण की घटनाओं ने बता दिया है कि बच्चे कहीं सुरक्षित नहीं हैं। चिंता की बात तो यह है कि पुलिस प्रशासन इसके प्रति गंभीर नहीं है।
अलर्ट रहें अभिभावक
जब भी कोई घटना होती है तब खूब हल्ला मचता है। पुलिस, प्रशासन से लेकर स्कूल संचालक तक नई गाइडलाइंस जारी करते हैं। लेकिन दिन गुजरने के साथ सब शांत हो जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को ही चौकन्ना रहना होगा। लगातार स्कूल पर दबाव बनाए रखना होगा और बच्चे की संगत पर भी नजर रखनी होगी।
विज्ञापन

एक्सपर्ट एडवाइस
विशेषज्ञ मानते हैं कि यौन शोषण की शुरूआत पहचान वालों, संबंधियों और नौकरों आदि से होती है। अभिभावकों को इनके बारे में अलर्ट रहना चाहिए।
सेफ्टी टिप्स
a अभिभावक बच्चों को सही और गलत की जानकारी दें
a बच्चों को स्पर्श के अंतर को समझाएं
a अजनबियों से टॉफी और चॉकलेट न लेने दें
a किसी भी बाहरी के सामने बच्ची के कपड़े न बदलें
a पुरुष नौकर के साथ बच्ची को अकेला न छोड़ें
a शाम को सोने से पहले बच्चे से दिन की बातें शेयर करें
(नोट ः फैमिली काउंसलर नीलम सक्सेना )

अभिभावकों की परेशानी
मासूम बच्चों पर बढ़ता खतरा बेचैन किए रहता है। स्कूलों और प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग कई बार की जा चुकी है। बच्चों को भी लगातार समझाया जा रह है कि किसी अजनबी पर भरोसा न करें और शक होने पर शोर मचा दें। एन के जैन नेहरूनगर-(अभिभावक)
विज्ञापन

कक्षा दो में पढ़ने वाली बेटी को स्कूल या बाहर भेजने समय काफी डर रहता है। अब खुद स्कूल बस तक छोड़ने जाती हूं। बस में बैठाने से पहले ड्राइवर का नंबर, बस नंबर और उसकी पूरी जानकारी अपने पास रख लेती हूं। लेकिन चिंता हमेशा लगी रहती है। नीरू अत्री, अंबेडकर रोड (अभिभावक)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें