गेहूं क्रय केंद्रों से बारदाना नदारद, व्यापारियों को अनाज बेचने पर मजबूर हो रहे िकसान
गाजियाबाद। गेहूं की बंपर फसल पैदा करके अब किसान परेशान हैं। सरकारी खरीद केंद्रों में बारदाना न होने से खरीद रुकी है तो कहीं पैसे की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में व्यापारी किसानों की इसी मजबूरी को ‘कैश’ कर रहे हैं।
गाजियाबाद की 32000 हेक्टेयर जमीन में लगभग 1312000 कुं तल गेहूं पैदा हुआ है। सरकार ने गेहूं खरीद के लिए आठ क्रय केंद्र बनाए हैं। प्रशासन को 7500 मिट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। खरीद शुरू हुए 40 दिन बीत चुके हैं। अभी तक सिर्फ 2500 मिट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया है। शनिवार को अमर उजाला की टीम जब गोविंदपुरम अनाज मंडी स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र पर पहुंची तो वह बंद मिला। कें द्र के बाहर बैठे कर्मचारी ने बताया कि दो दिन से बारदाना खत्म है और अभी आने की उम्मीद भी नहीं है। किसानों को वापस लौटा रहे हैं। वहीं गोविंदपुरम मंडी में ही यूपी एग्रो के क्रय केंद्र का हाल और चौंकाने वाला था। सेंटर पर बारदाना तो है लेकिन किसान को देने के लिए पैसे नहीं है। जिसकी वजह से किसान सरकार को गेहूं देने की बजाय व्यापारियों को बेच रहे हैं।
सदरपुर के किसान बॉबी, देहरा के शाबिर और सिरोरा के विमल सिंह ने बताया कि क्रय केंद्र वाले एक महीने बाद भुगतान करने की बात कह रहे हैं। हमें पैसे की जरू रत है, जिसकी वजह से मंडी में गेहूं बेच रहे हैं।
क्रय केंद्रों पर बोरियों का इंतजाम कराया जा रहा है। एग्रो के सेंटरों पर किसानों को भुगतान न होने की शिकायतें मिली हैं। व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश हो रही है। - बीके विधुवा, जिला विपणन अधिकारी