थाना क्षेत्र के एक गांव में 20 मार्च को छेड़खानी का विरोध करने पर दबंगों ने युवती के पिता को घर में घुसकर बेरहमी से पीटा। गंभीर हालत में उसे हैलट रेफर किया गया, शुक्रवार को इलाज के दौरान हैलट में मौत हो गई। मामले में शनिवार को शव गांव पहुंचते परिजन उग्र हो गए। शव को गांव में रखकर हंगामा किया।
बवाल की आशंका में कई थानों का फोर्स मौके पर भेजा गया। बाद में पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। वहीं, पुलिस ने मारपीट के मामले को गैरइरादतन हत्या में बदलकर नौ लोेगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गौरतलब है कि मृतक के पत्नी ने छेड़छाड़ की तहरीर दी पर पुलिस ने छेड़छाड़ से इंकार किया।
20 मार्च को रूरा के एक गांव से निकली कलश यात्रा के दौरान नशे की हालत में कुछ ग्रामीणों ने गांव के एक युवती से छेड़खानी कर दी। युवती के भाई ने इसका विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। जब इसकी जानकारी युवती के पिता को हुई तो वह बेटे और बेटी को मौके से घर ले आया।
शनिवार को पत्नी के दी तहरीर के मुताबिक, गांव के ही प्रेम सिंह, तिवारी, अर्जुन सिंह, सीताराम, धर्मेंद्र, तेज सिंह, कप्तान सिंह, दिनेश संजय ने घर पर हमला बोल दिया। हाथ में लाठी और कुल्हाड़ी लिए युवक घर में घुसकर उसके पति को लाठी-डंडों से पीटकर बेदम कर दिया। हमलावर पति को मरा हुआ समझकर छोड़कर भाग गए। पुलिस को सूचना देकर पति को इलाज के लिए हैलट अस्पताल ले गए।
वहीं, पुलिस ने मामले में मारपीट किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की। वहीं, शुक्रवार की शाम को इलाज के दौरान उसके पति ने दम तोड़ दिया। शनिवार को शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। शव रखकर गांव में परिजन हंगामा करने लगा। इसकी सूचना जब पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो रूरा, शिवली, भोगनीपुर व अकबरपुर की पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस कर्मियों ने हत्यारोपियों पर सख्त कार्रवाई किए जाने के साथ गिरफ्तारी किए जाने के आश्वासन पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। एसओ रूरा भीमसेन पोनिया ने बताया कि हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।
पीड़ित के पक्ष में उमड़ा पूरा गांव, 3 घंटे तक हंगामा- रूरा। छेड़खानी की घटना में दबंगाें का विरोध करना एक पिता को भारी पड़ गया। इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उसके मौत की सूचना पर पूरा गांव पीड़ित के पक्ष में उमड़ पड़ा। समय रहते यदि पुलिस ने इसको गंभीरता से नहीं लिया होता तो मामला और बढ़ सकता था। शव रखकर परिजन सुबह 8 बजे लेकर 11 बजे तक हंगामा करते रहे। पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।
एएसपी मनोज सोनकर ने बताया कि घटना वाले दिन बच्चों का विवाद बताया गया था। उसका मुकदमा दर्ज है। वहीं, इस घटना को हत्या में बदलकर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।