उत्तर प्रदेश में ‘हमारी बेटी, उसका कल’ योजना में फर्जीवाड़े की बड़ी कोशिश का पर्दाफाश हुआ है। फर्जी अंकपत्र के जरिए योजना में मिलने वाली रकम हड़पने की तैयारी थी।
कॉलेजों के जरिए जमा हुए आवेदन फार्म के साथ मौजूद अंकपत्र का रोलनंबर माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद बोर्ड की वेबसाइट पर डालने पर आवेदन करने वाली छात्रा की जगह किसी अन्य का नाम निकल रहा है।
एक, दो अथवा तीन नहीं बल्कि अब तक फर्जी अंकपत्र वाले करीब 20 आवेदन पकड़ में आए हैं जबकि आधे से कम आवेदनों की ही अभी तक जांच हुई है।
हमारी बेटी, उसका कल योजना में अल्पसंख्यक बेटियों को हाईस्कूल पास करने पर तीस हजार रुपये मिलते हैं। यह रकम बेटियों की आगे पढ़ाई अथवा विवाह खर्च के लिए है। सपा सरकार की इस योजना का यह दूसरा साल है।
मुरादाबाद जिले के रिजवान हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज सिरसखेड़ा में दो, आरएन इंटर कॉलेज उमरी कला में 5, आर्य कृषक इंटर कॉलेज पायंदापुर 3, सांवले सिंह इंटर कॉलेज कांकरखेड़ा 2, अब्दुल हकीम इंटर कालेज सुल्तानपुर मुंडा में 1 आवेदन फार्म ऐसा मिला है, जिसमें संलग्न अंकपत्र का रोलनंबर बोर्ड की वेबसाइट में किसी और के नाम पर दर्ज है। यह मामले बानगी मात्र हैं। मुरादाबाद में 10516 आवेदन जमा हुए हैं। 6554 बेटियों को लाभान्वित किया जाना था लेकिन अब शासन से बढ़कर संशोधित लक्ष्य आने की उम्मीद है।
बढ़ सकती है फर्जी आवेदनों की संख्या
उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण संजय कुमार मिश्र के अनुसार अभी तो 4000 फार्मों की जांच हुई है। एक साथ आय, निवास, अंकपत्र एवं संबंधित कॉलेज में नामांकित होने की जांच कराई जा रही है। फर्जी अंकपत्र वाले आवेदनों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
फर्जी आय प्रमाण पत्र भी निकल रहे हैं, जिन्हें तहसील भेजकर क्रास चेक कराया जाएगा। सभी फार्मों की जांचोपरांत कॉलेजों को सूची भेजकर जवाब मांगा जाएगा। मंडल के अन्य जिलों में भी जांच करवाई जाएगी ताकि इस तरह का फर्जीवाड़ा उजागर हो सके।
बीस हजार हो सकती है धनराशि
चर्चा है कि हमारी बेटी, उसका कल योजना में लाभार्थी धनराशि 30 हजार से कम करके 20 हजार की जा सकती है। पहली बार योजना में तमाम बेटियां लाभान्वित होने से रह गई थी। लोकसभा चुनाव सिर पर है, ऐसे में सरकार लाभार्थी धनराशि कम करके अधिक संख्या में बेटियों को लाभ पहुंचाना चाहती है।