फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक कुत्ते ने गिराई 4 लाशें, चार पुलिसवाले सस्पेंड

Fri, 23 Aug 2013 10:55 AM IST
बागपत/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दुड़भा गांव में रक्षाबंधन के दिन हुए खूनखराबे में चार लाशें बिछ गईं जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन


दो पड़ोसियों के बीच जमीन को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश बुधवार को एक के घर के सामने दूसरे परिवार के पालतू कुत्ते द्वारा की गई गंदगी के बाद भड़क उठी और मामूली सी बात चौहरे हत्याकांड की वजह बन गई।

नरसंहार में पुलिस की घोर लापरवाही और संदिग्ध भूमिका उजागर होने पर इंस्पेक्टर, दो दारोगा और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया। देर शाम 13 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


उधर, सीएचसी में घायलों को सही उपचार न मिलने पर गांव के लोगों ने जमकर हंगामा किया।

दुड़भा में किसान धर्म सिंह शर्मा के पालतू कुत्ते ने बुधवार सुबह पड़ोसी सेवानिवृत्त शिक्षक देवकराम के घर के सामने गंदगी कर दी। इसी बात पर सुबह सात बजे देवकराम के परिवार के लोगों ने धर्म सिंह के घर पर धावा बोल दिया।

धर्म सिंह के कंट्रोल रूम पर कई बार सूचना देने के बावजूद पुलिस नहीं आई। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने बागपत कोतवाली पहुंचकर भी गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

चश्मदीदों के मुताबिक करीब 10 बजे धर्म सिंह पक्ष के लोग जब कोतवाली से लौट रहे थे, तभी गांव में इनके घर के पास देवकराम पक्ष ने धारदार हथियारों और पत्थरों से हमला बोल दिया। जवाब में धर्म सिंह पक्ष ने भी पथराव किया।

इस पर देवकराम पक्ष ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब पौन घंटे तक पत्थर, भाले, तलवार, बलकटी और गोलियां चलीं। इसमें धर्म सिंह पक्ष से उसकी पत्नी निर्मला, प्रवेश उर्फ बिट्टू, अरुण, कुसुम, तेजपाल, अमित, कुलदीप, बहादुर, पप्पू , मूलचंद, श्रीपाल एवं उसकी पत्नी बाला लहूलुहान हो गए। दूसरे पक्ष से योगेन्द्र उर्फ मित्तर को गोली लगी।

घायलों में बहादुर ने रास्ते में दम तोड़ दिया। बिट्टू की मौत सीएचसी में उपचार के दौरान हुई। निर्मला और योगेन्द्र को दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही इन्होंने भी दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


धर्म सिंह पक्ष का कहना था कि देवकराम पक्ष के योगेन्द्र की मौत इसी पक्ष द्वारा की गई फायरिंग में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है, क्योंकि चारों मौतें एक ही राइफल से चली गोलियों से हुई। खून-खराबे को अंजाम देकर देवकराम पक्ष घर पर ताला लगाकर फरार हो गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें