उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस टीम के द्वारा दबोचे गए तीनों तस्कर सोने को बड़ी आंत में छिपाने एक्सपर्ट हैं।
इसका खुलासा तब हुआ जब चिकित्सकों के समक्ष तस्करों ने खुद ही चार किलो सोना प्राइवेट पार्ट से 10 मिनट में निकालने की पेशकश की। हालांकि चिकित्सकों ने तस्करों को अस्पताल में यह जोखिम उठाने नहीं दिया और एनिमा के जरिए सोने को निकाल लिया।
डीआरआई टीम ने सोने के तस्करों तजिंदर, परमिंदर एवं वरिंदर को मंगलवार शाम करीब चार बजे उस वक्त हिरासत में लिया था जब वह सऊदी अरब की फ्लाइट से उतरकर कर एयरपोर्ट के बाहर निकले थे।
टीम ने तस्करों को हिरासत में लेने के बाद गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए और बारी-बारी से एक्सरे कराए जिसमें उनके पेट में धातु होने का पता चला।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरसी अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि सर्जन की टीम ने तस्करों के प्राइवेट पार्ट में एनिमा लगाया। इसके बाद प्राइवेट पार्ट को सुन्न कर सोना बाहर निकाला जो छोटे एवं पतले बिस्किट और सिक्के रूप में थे।
इस सोने को कंडोम के जरिये प्राइवेट पार्ट से शरीर के अंदर प्रवेश कराया गया था।
बड़ी आंत के निचले हिस्से में था सोना
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि तस्करों ने यह सोना बड़ी आंत के निचले हिस्से में छिपाया था। सोने के बिस्किट एवं सिक्के के ऊपर रुई को लपेटा गया था।
एक-एक तस्कर के द्वारा औसतन एक-एक किलो से अधिक सोना बड़ी आंत में छिपाया गया था फिर भी उनको असहजता महसूस नहीं हो रही थी। तस्करों ने जब खुद ही सोने निकालने की बात कही तो सभी भौंचक्क रह गए।