उत्तरप्रदेश के फीरोजाबाद स्टेशन पर एफओबी के बजाए ट्रैक पार करने का शार्टकट एक परिवार पर भारी पड़ गया। परिवार के चार सदस्यों की मौत ट्रेन से कटकर हो गई।
कालका एक्सप्रेस से उतरकर पैदल ट्रैक पार करने की जल्दी में ये लोग दूसरे ट्रैक पर काल बनकर आ रही राजधानी एक्सप्रेस को नहीं देख पाए और उसकी चपेट में आ गए।
इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में निसार (55), उसका बेटा नौशाद (33), नौशाद की बेटी रुखसार (7), बेटा यूनुस (6) हैं। हादसे को देख नौशाद की पत्नी नाजिरा बेहोश हो गई। नाजिरा और उसकी बेटी जेबा (3) भी इनके साथ थी लेकिन यह लोग कुछ पीछे रह गए।
बाकी लोग आगे निकलकर ट्रैक पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार रसूलपुर क्षेत्र में पानी की टंकी के पास रहने वाले नौशाद के साले की बिहार में शादी थी। यह सभी लोग शादी में शामिल होने के बाद दादानगर की डेयरी स्टेशन से कालका एक्सप्रेस में फीरोजाबाद के लिए सवार हुए थे।
लगभग साढ़े आठ बजे कालका एक्सप्रेस फीरोजाबाद पहुंची। ट्रेन से उतरने के बाद ये लोग एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) के बजाए, ट्रेन के पीछे से ट्रैक पार करने लगे। इसी बीच दिल्ली की ओर से राजधानी एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो के ट्रैक पर आ गई।
निसार, नौशाद, रुखसार और यूनुस उसकी चपेट में आ गए तथा मौके पर ही ट्रेन से कटकर उनकी मौत हो गई। जीआरपी ने शवों को ट्रैक हटाकर उनका पंचनामा भरा।