यूपी में मैनपुरी के कुर्रा क्षेत्र के ग्राम ओन्हा में शुक्रवार रात बारिश के दौरान कच्चे मकान के एक कमरे की छत ढहने से सो रहे एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। घर का मुखिया सर्वेश सविता पंजाब में पल्लेदारी करते हैं। इस कारण परिवार में अब वही अकेला बचे हैं।
गांव वालों का आरोप है कि रिश्वत में पांच हजार रुपये ने दे पाने के कारण सर्वेश को सरकारी आवास नहीं दिया गया था। इसी कारण गुस्से से भरे गांववालों ने मार्ग जाम कर दिया। वहां आए तहसीलदार की गाड़ी पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दी। देर शाम तक सर्वेश गांव नहीं पहुंचे थे।
शुक्रवार को दोपहर से ही रिमझिम बारिश शुरू हो रही थी। रात करीब 12 बजे तेज बारिश के दौरान सर्वेश के कच्चे मकान के कमरे की छत ढह गई। कमरे में सर्वेश की मां विरमा देवी (70), पत्नी मीना देवी (35), बेटा राहुल (17) और बेटियां शशि (14) व शिवानी (9) सो रही थीं।
छत के मलबे में दबने से सभी की मौत हो गई। घटना की जानकारी गांववालों को सुबह तब हुई जब सुबह साढ़े सात बजे तक घर को कोई सदस्य बाहर नहीं आया। ग्रामीणों ने किसी प्रकार दरवाजा खोला और मलबे को हटाकर दबे शवों को बाहर निकाला।
गरीब परिवार के पांच लोगों की मौत होने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार सुरजीत कुमार की गाड़ी पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव किया। कुछ ने उनके साथ अभद्रता भी की।
डीएम को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर गांववालों पतारा-सैफई मार्ग पर जाम लगा दिया। दोपहर बाद एसडीएम के आए।
उन्होंने बतौर मदद दैवीय आपदा कोष से परिवार के बचे सदस्य को साढ़े सात लाख रुपये और 10 बीघा जमीन का पट्टा देने की घोषणा की है। उनके समझाने के बाद करीब एक बजे जाम खुला।