उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के सिराथू तहसील के मनमऊ गांव के एक परिवार के लिए उनका घर ही कब्र बन गया। बुधवार रात आठ बजे अचानक मकान भरभराकर ढह गया। मकान जमींदोज होने से घर के पांच सदस्यों की मौत हो गई।
मरने वालों में एक महिला और उसके चार बच्चे शामिल हैं। जबकि गृहस्वामी और उसकी बहू को ग्रामीणों ने मलबे से जिंदा निकाला। दोनों को नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की खबर लगते ही मौके पर एसडीएम सिराथू के अलावा इलाकाई पुलिस भी पहुंच गई। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से कोहराम मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, सिराथू तहसील के मनमऊ गांव निवासी हामिद उल्ला उर्फ अमजद (45) मजदूर है। गांव में वह अपने दो कोठरी के कच्चे मकान में पत्नी, सात बच्चों और बहू के साथ रहता था।
बुधवार की रात करीब आठ बजे अचानक उसका कच्चा मकान जमींदोज हो गया। जिसमें दबने से हामिद उल्ला की बेटी सुफीना (10), रुबीना (9), रूबी (6) की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि पत्नी सन्नो देवी (42) और बेटे दिलखान (8) ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं हामिद उल्ला और उसकी बहू शबीना (22) पत्नी सलमान की हालत नाजुक बनी हुई है। मकान गिरने से गांव में कोहराम मच गया।
चीखते-चिल्लाते ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गांववालों ने कोखराज थाने के अलावा एसडीएम सिराथू को घटना की जानकारी दी। साथ ही ग्रामीण मलबा हटाने में जुटे। फौरी तौर पर माना जा रहा है कि गांव में जलनिकासी की व्यवस्था दुरूस्त नहीं होने से बारिश का पानी घर के आसपास जमा रहता है।
सीलन के कारण यह हादसा हुआ है। एसडीएम बीआर मिश्रा का भी कहना है कि सीलन के कारण ही मकान गिरा है। जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी।
घर के बाहर रहे तीन बेटे सलामत
मनमऊ गांव में बुधवार की रात मकान गिरने से हुए हादसे के दौरान घर से बाहर रहे हामिद उल्ला के तीन बेटे सलामत बच गए हैं। गांववालों के मुताबिक हामिद का बड़ा लड़का सलमान (23) नौकरी के सिलसिले में दिल्ली में रहता है।
जबकि दो अन्य बेटे छोटू (15) और भैया (12) हादसे के वक्त गांव में ही कहीं घूम रहे थे। इससे इन तीनों की जान बच गई।