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फर्जी डिग्री से सरकारी नाैकरी: कई राज्यों में हुआ खेल, जेएस यूनिवर्सिटी प्रकरण में एसओजी का खुलासा; जांच शुरू

Wed, 12 Mar 2025 04:22 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां प्रकरण में कुलाधिपति और रजिस्ट्रार को गिरफ्तार किया गया। अब जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी से जारी की गईं फर्जी डिग्रियों के आधार पर विभिन्न राज्यों में युवाओं ने सरकारी नाैकरी हासिल कर ली है। ऐसे लोगों की अब मुश्किल बढ़ सकती है।

 
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जेएस यूनिवर्सिटी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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शिकोहाबाद में फर्जी डिग्री कांड के तार उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों में फैले हुए हैं। फर्जी डिग्रियों के आधार पर कई अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। जिनमें से कुछ का खुलासा जयपुर एसओजी की टीम कर चुकी है। अब टीम अन्य बाकी ऐसे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के बारे में भी जांच कर रही है, जो फर्जी डिग्री के आधार पर राजस्थान में नौकरियां कर रहे हैं।
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राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती की वैकेंसी निकली थीं। जयपुर के सूत्र बताते हैं कि राजस्थान में इस भर्ती परीक्षा में आवेदन करने के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली बेचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) की डिग्रियां देने वाली यूनिवर्सिटी तो हैं। जिनमें यह कोर्स कराया जाता है, लेकिन फर्जीवाड़ा कर बैकडेट में डिग्री देने का मामला अब तक किसी यूनिवर्सिटी का उजागर नहीं हुआ था। 

 

ओपीजेएस यूनिवर्सिटी ही पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है, जोकि जयपुर एसओजी के रडार पर फर्जीवाड़े में आई है। राजस्थान के सूत्रों की मानें तो इस यूनिवर्सिटी में राजस्थान का छात्र एडमिशन तो ले लेता है, लेकिन इस यूनिवर्सिटी के अधिकांश छात्रों के पास से भी जेएस यूनिवर्सिटी की ही डिग्री होती हैं। जिनसे एसओजी का शक गहरा हुआ था। 

 

मतलब साफ था कि इस यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के बाद छात्र को दलाल के जरिये जेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री थमाई जा रही थी। यही वजह थी कि बीपीएड की भर्ती प्रक्रिया के दौरान 2067 अभ्यर्थियों ने जेएस यूनिवर्सिटी से बीपीएड किये जाने का हवाला दिया था। जो पकड़े भी गए, उनके पास भी जेएस यूनिवर्सिटी की ही डिग्री पकड़ी गई थीं।

सूत्रों के अनुसार अब राजस्थान में जिस भी विभाग में जेएस यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाई गई हैं या फिर उनके आधार पर आवेदन किये गए हैं। उनकी बड़े स्तर पर जांच शुरु हो चुकी है।

 

राजस्थान में मात्र ओपीजेएस आई एअसोजी के रडार पर
राजस्थान में बेचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन का कोर्स कराने वाली यूनिवर्सिटी तो हैं, लेकिन वहां अभ्यर्थियों को बैकडेट में ओपीजेएस के अलावा किसी अन्य यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त नहीं हो रही थी। इसके चलते ओपीजेएस यूनिवर्सिटी जांच के बाद जयपुर एसओजी टीम के रडार पर आ गई। जिसमें फर्जीवाड़ा सामने निकलकर आया।

 
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यूनिवर्सिटी के दो अधिकारियों की तलाश
फर्जी डिग्री कांड में जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति, रजिस्ट्रार एवं दलाल की गिरफ्तारी के बाद यूनिवर्सिटी के दो अन्य अधिकारियों की तलाश तेज कर दी गई है। जिसके लिए एसओजी टीम नोएडा, दिल्ली समेत हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश में तलाश कर रही है। सूत्र बताते हैं कि मंगलवार को एसओजी की टीम ने दोनों ही अधिकारियों के नामों को अपनी जांच में शामिल करने का दावा किया है। जयपुर एसओजी जल्द ही दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। दोनों ही अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद फर्जी डिग्री कांड के अन्य फर्जीवाड़ों से जयपुर एसओजी परदा उठाएगी।

फोन नंबर भी एसओजी के रडार पर
यूनिवर्सिटी से जुड़े हुए सभी अधिकारियों के फोन नंबर एवं लेनदेन का विवरण भी एसओजी टीम के रडार पर है। टीम इस पहलू पर भी ध्यान देते हुए फर्जी डिग्री कांड को परत-दर-परत खोलने में जुट गई है।
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