चोरी के आरोप में युवक को दी थर्ड डिग्री, पैर की हड्डी तोड़ी
- एका थाने में 24 घंटे हिरासत में रखा, बेल्ट और डंडों से पीटने का आरोप
- पीड़ित की ओर से पुलिस पर जबरन क्रॉस केस दर्ज कराने का भी आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। बाइक चोरी के मामले में एका पुलिस पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप है। पुलिस ने बुधवार को एक शिकायती पत्र के आधार पर युवक को घर से जबरन उठा लिया। थाने में युवक के साथ बर्बरता की सभी हदें पार कर दीं। आरोप है कि युवक को 24 घंटे तक हिरासत में रखकर उसे बेल्टों व डंडों से जमकर पीटा। युवक के पैर की हड्डी तक तोड़ दी। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने अपने बचाव में पीड़ित और उसके भाई के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करने के साथ दूसरे पक्ष के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करा दिया।
एका के गांव राजपुर निवासी विपिन ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि 21 मई को वह अपने मामा के बेटे नीरज की बाइक से एटा गया था। वापस आकर बाइक कथा पांडाल में खड़ी कर दी थी। जहां से बाइक चोरी हो गई। मामा के बेटे ने मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। 22 मई को एका पुलिस उसे घर से उठाकर थाने ले गई। जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसे बेल्टनुमा पट्टे के साथ डंडों से जमकर पीटा। विपिन की हालत को देखकर परिजन ने इसकी जानकारी अपने अधिवक्ता को दी। अधिवक्ता ने पूरे मामले की जानकारी बृहस्पतिवार को एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह को दे दी। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद पुलिस खुद बचाव की मुद्रा में आ गई। पुलिस ने विपिन और उसके भाई सुधीर उर्फ टिंकू के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई कर दी। थाना प्रभारी शिवभान राजावत ने बताया कि विपिन ने पहले भी अपनी बुआ का ट्रैक्टर गायब कर दिया गया था। इसी तरह अब बाइक गायब कर दी है। आरोपी गलत आरोप लगाकर बचाव का प्रयास कर रहा है।
एक्सरे में पैर की हड्डी टूटी आई
पीड़ित ने बताया कि एका एसओ ने ही उसे एक निजी चिकित्सक पर भेजा था। जहां उसका एक्सरे कराया गया। एक्सरे में उसके एक पैर की हड्डी टूटी हुई पाई गई। जबकि परिजन ने कहा कि पुलिस उसे सही सलामत घर से लेकर गई थी। पुलिस ने बेरहमी से उसकी पिटाई की। जिससे वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है।
एसओ ने थाने की गाड़ी से छुड़वाया था घर
पीड़ित विपिन ने बताया कि जानकारी पर उसके अधिवक्ता सतेंद्र सिंह एका थाने 23 मई को पहुंच गए थे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी भी की थी। इसके बाद एसओ ने अपनी गाड़ी से एक दारोगा के साथ उसे घर छुड़वा दिया था। साथ ही कहा था कि हम तुम्हारा इलाज करा देंगे। बस पुलिस द्वारा की गई पिटाई की बात किसी को मत बताना।
अधिवक्ता उपचार कराने पहुंचे
पीड़ित के अधिवक्ता सतेंद्र सिंह शुक्रवार को पीड़ित को लेकर सरकारी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे थे, लेकिन स्थिति ठीक न होने पर उन्हें एटा में भर्ती कराया गया है। एटा से घर पास पड़ेगा।
मामले की जानकारी की गई है। थानाध्यक्ष का कहना है कि पीड़ित पक्ष का दूसरे पक्ष से झगड़ा हुआ था। जिसमें उसे चोट आई हैं। आरोप गलत हैं। मेरे द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
-कुमार रणविजय सिंह, एसपी ग्रामीण