खाट सभा में एक युवा अपनी समस्या को लेकर मंच तक पहुंच गया। उसने अपनी समस्या को राहुल के सामने रखना चाहा, लेकिन ार्यकर्ताओं ने उसे बोलने नहीं दिया। इस दौरान युवक चीखता रहा। खाट सभा में पहले से तय किसानों को ही बोलने की अनुमति दी गयी।
कई प्रश्नों के जवाब में अटके राहुल
किसानों ने अपनी समस्याएं रखी तो कुछ राहुल गांधी समझ नहीं सके। वह कुछ सवालों जवाब नहीं दे सके। ऐसे प्रश्नों के लिए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की मदद ली। राजबब्बर ने ऐसे किसानों को जवाब देते हुए समस्याओं के निराकरण की बात कही।
सरकार बनी तो फीरोजाबाद के चिप्स विदेश में बिकेंगे
किसानों ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर से आलू की चिप्स फैक्ट्री के बारे में प्रश्न किया तो राहुल गांधी ने किसानों से फैक्ट्री नहीं फीरोजाबाद के आलू की चिप्स विदेशों में भेजने की बात कही। किसानों ने राजबब्बर की ओर इशारा किया कि उन्होंने वादा किया था तो वे कुछ सकुचाए और फिर दृढ़ता से बोले कि तुम प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनवाओ। हम वादा निभाएंगे। हम जो कहते हैं, करते है।
खाट पर बैठने को पास के लिए मची रही आपाधापी
खाट सभा में खाट पर बैठने के लिए पास जारी किए गए थे। हालांकि भ्रम फैल गया कि जिसे खाट पर बैठने के लिए पास मिल जाएगा, उसे खाट भी मिल जाएगी। इसको लेकर किसान समेत महिलाएं भी खाट का पास लेने के लिए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शास्त्री से झगड़ते रहे। इस दौरान लोगों में पासों को लेकर मारपीट भी हो गयी।
सभा स्थल पर कर्जा माफी के लिए लगाएं कैंप
राहुल गांधी की सभा से पूर्व सभा स्थल पर कैंप लगाए गये थे। इन कैंपों में किसानों से कर्जा माफी और बिजली के बिल को आधा करने के फॉर्म भरवाए गए। किसानों को बताया गया कि प्रदेश में सरकार बनते ही किसानों के कर्जे माफ और बिजली के बिल हाफ कर दिए जाएंगे। इसको लेकर सभा स्थल पर सैकड़ों किसानों की भीड़ उमड़ी।
पानी के लिए भटकते रहे किसान
सभा स्थल पर पेयजल की व्यवस्था की गई थी। हालांकि गर्मी और राहुल गांधी के देरी से आने पर पानी के पाउच खत्म हो गए। ऐसे में सभा स्थल पर पहुंचे किसानों को पेयजल के लिए परेशान हुए। राहुल की खाट सभा में टूंडला के नाममात्र किसान थे। सभा में अन्य जिलों के किसान अधिक थे। दूर से आए किसान पानी के लिए तरसते रहे। वहीं अंदर आने वाले किसी भी व्यक्ति को बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसके चलते लोग परेशान रहे।
...और धरी रह गयी खाट ले जाने की मंशा
खाट सभा में तमाम लोग सभा समाप्त होने के बाद खाट लेकर जाने की मंशा में थी। इसके लिए वे पास के लिए झगड़ते रहे, किंतु व्यवस्थाओं के बीच पुलिस की सक्रियता के चलते कोई भी खाट ले जाना तो दूर खाटों तक पहुंच भी न सका। सभा समाप्त होते ही कार्यक्रम व्यवस्थापक और उनकी टीम ने खाटों व मूड़ों को समेटना शुरू कर दिया।
ओवरब्रिज और हाईवे पर लगी रही भीड़
ठाकुर बीरी सिंह कालेज के निकट नेशनल हाईवे के ओवरब्रिज पर राहुल गांधी को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। वहीं सर्विस लेन पर जाम लग गया। इस पर पुलिस द्वारा लोगों को हटाकर जाम खुलवाया गया। ओवरब्रिज पर मंच के सामने से लोगों को हटाकर फोर्स लगा दिया गया।
प्रश्न मंच में तब्दील हुई खाट सभा
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने खाट सभा को प्रश्न मंच बना दिया। कार्यक्रम के मुताबिक उन्हें मंच से बोलना था और इसके बाद खाटों पर पहुंचकर किसानों से समस्याएं सुननी थी लेकिन वह मंच से ही किसानों की समस्याएं सुनते रहे और उत्तर देते रहे। उन्होंने किसानों से बिजली, पानी आदि समस्याओं के बारे में पूछा।
फूलमाला पहनाकर किया राहुल गांधी का स्वागत
सभा स्थल पर पहुंचते ही राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं ने फूूलमाला पहनाकर स्वागत किया। स्वागत करने वालों में कांग्रेस के प्रदेशाध्क्ष राजबब्बर, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शास्त्री, आतान शर्मा, मुकेश यादव, सत्यशील जैन, स्नेहलता बबली, राजवीर यादव, रामनिवास यादव, डा. बीएस गौतम, जिलाध्यक्ष हरीशंकर तिवारी, राजू लवानियां आदि थे।
वाल्मीकि समाज ने दिया ज्ञापन
खाट सभा संबोधित करने आए राहुल गांधी को वाल्मीकि समाज आरक्षण संघर्ष समिाति द्वारा ज्ञापन देकर वाल्मीकि समाज को अलग से आरक्षण दिए जाने की मांग की गई। ज्ञापन से अवगत कराया गया कि अनुसूचित जातियों में वाल्मीकि समाज की सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति है। आरक्षण का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय मेवाती, सुनील लोहिया आदि रहे।