04, टूंडला के गांव अनवारा में बाढ़ का पानी उतरने पर खेत दिखाता किसान संवाद
फिरोजाबाद। यमुना की तलहटी का जलस्तर शुक्रवार को 30 सेंटीमीटर और घट गया। बृहस्पतिवार की शाम को यमुना का जलस्तर 152.17 मीटर पर था। शुक्रवार की शाम को यह घटकर 151.87 मीटर पर पहुंच गया। करीब 30 सेंटीमीटर पानी घटने के साथ यमुना की तलहटी वाले गांवों में किसानों को राहत मिलना शुरू हो गई। किसान बाजरा के साथ दरहरी की फसलों की पानी की निकासी करने में जुटे हैं। ताकि जो फसलें शेष बचीं है उनको बचाया जा सके। जिला प्रशासन ने डूब क्षेत्र के इतर फसलों का सत्यापन कराने के साथ रिपोर्ट तैयार शुरू कर दी है।
जिले में यमुना के जलस्तर की लगातार मॉनीटरिंग का काम चल रहा है। शुक्रवार को सुबह आठ बजे मथुरा गोकुल बैराज से यमुना में 1 लाख, 7 हजार 944 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, ओखला बैराज से 37,727 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ओखला एवं मथुरा गोकुल बैराज से पानी कम छोड़ने का परिणाम रहा कि जिले में यमुना का जलस्तर करीब 30 सेंटीमीटर के करीब घट गया। तलहटी के गांव भैसावट की ओर जाने वाला रास्ता एक बार फिर से खुल गया। गांव के किनारे खड़ी बाजरा,सब्जियों की फसल से किसानों ने पानी निकालना प्रारंभ कर दिया है। ताकि शेष बची फसलों को सुरक्षित किया जा सके।
सोफीपुर, चंद्रवार,उस्मानपुर, माली पट्टी, नयाबांस, शंकरपुर, रामदासपुरा, अल्हादीपुरा, रामदासपुरा गढ़ी के साथ अन्य ग्रामीण इलाकों के किसान इन दिनों खेतों की ओर जाना प्रारंभ कर दिया है। इससे बाजरा की तैयार होने के करीब पहुंच चुकी फसल को बचाया जा सकेगा। रामवीर सिंह निषाद का कहना है कि पिछली तीन दिनों में करीब यमुना का जलस्तर एक मीटर घट गया है। इससे बड़ी राहत मिली हैं। प्रयास है कि फसलों को बचाया जा सके। इधर, प्राचीन महादेव मंदिर के आसपास की फसलों में पानी घटने के साथ फसल बचने की उम्मीद बढ़ गई है।
यमुना के डूब क्षेत्र को छोड़कर जहां किसानों की फसलों में वास्तविक नुकसान हुआ है उनका सर्वे कराने का काम टूंडला एवं फिरोजाबाद तहसील मेंं कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों का आंकलन करके शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके।
- विशुराजा एडीएम वित्त एवं राजस्व