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Firozabad News: यमुना में उफान...सैकड़ों बीघा फसलें डूबीं, अलर्ट जारी

Tue, 19 Aug 2025 07:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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यमुना में उफान
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हथिनीकुंड बैराज के खोले 18 द्वार, ओखला व गोकुल बैराजों से भी छोड़ा पानी, अगले दो दिन और बिगड़ेंगे हालात
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संवाद न्यूज एजेंसी
टूंडला। लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर में डेढ़ से दो फीट की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें डूब गईं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
हथिनीकुंड, ओखला और गोकुल बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना के किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। खादर (बाढ़ के मैदान) में बोई गई बाजरा, मक्का, तिलहन और सब्जियों की फसलें पानी में डूब चुकी हैं। किसानों का कहना है कि अगर जलस्तर तीन से चार फीट और बढ़ा, तो न सिर्फ उनकी बाकी फसलें बर्बाद हो जाएंगी, बल्कि पानी गांवों तक भी पहुंच सकता है।
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प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

उपजिलाधिकारी अनुराधा सिंह ने बताया कि बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण अगले दो दिनों में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपालों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ चौकियां स्थापित करने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बढ़ते जलस्तर पर नजर रखने की सलाह दी है।


सबसे अधिक प्रभावित होने वाले गांव
यमुना में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खादरों की फसलों को प्रभावित होने वाले तलहटी में बसे गांव रुधऊ, नगला केसों, अनवारा, जटपुरा,बालमपुर, रसूलाबाद,रामगढ़, बजहेरा, कुतुकपुर साहब, नगला काले, नगला राजपति, ग्वारई, नगला मूसटा, ठार डेका, ठार हरिवंश, नियामत पुर, घुरुकुआ, नगला नंदा गांव शामिल हैं।
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10 बीघा में बाजरे और पांच बीघा में सब्जियां बोई थीं। दो बार बढ़ते जलस्तर के उतरने पर बच गईं थीं। इस बार फसलों में पानी प्रवेश कर गया।
अंबर प्रसाद, किसान बजहेरा


दूसरे किसान से 20 बीघा खेत आधा बटाई पर लेकर बाजरा की फसल बोई थी। फसल में यमुना का पानी प्रवेश करने से पौधे सड़ने लगे हैं। कालिंदी में आईं बाढ़ में फसल की लागत भी चली गई।

राजेंद्र प्रसाद, किसान रामगढ़
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