फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना तलहटी को खोखला कर रहे खनन माफिया

Sun, 29 Nov 2015 06:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुना तलहटी क्षेत्र में खनन माफियाओं का आतंक है। मिट्टी के बड़े-बेड़े टीलों को खनन माफियाओं ने समतल कर दिया है। पुलिस की मिलीभगत के चलते रात को ट्रैक्टर-ट्राली और डंपरों में मिट्टी और बालू को ढोया जा रहा है। हर दिन लाखों रुपये की राजस्व की हानि प्रशासन को हो रही है।
विज्ञापन


टूंडला के यमुना तलहटी क्षेत्र में मिट्टी और बालू का अवैध खनन बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से किया जा रहा है। शाम सात बजे से सुबह के सात बजे तक अवैध खनन करने वाले ट्रैक्टर व डंपरों की लाइन सड़क पर लगी रहती है लेकिन इन्हें रोकने वाली पुलिस कहीं दिखाई नहीं देती। लाइनपार क्षेत्र के अनवारा, नगला केशों आदि क्षेत्रों में भी खनन माफियाओं का बोलबाला है।

सूत्र बताते हैं कि पुलिस को हर चक्कर पर रुपये दिए जाते हैं इसके चलते वह खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। वहीं थाना पुलिस का कहना है कि यहां से गुजरने वाले  वाहन प्रशासन से परमीशन दिखाते हैं,  कितना कहां से खनन होना है यह देखना  तहसील प्रशासन का काम है।
विज्ञापन


तेजी से दौड़ते वाहनों से स्वयं बचते हैं लोग
अवैध खनन कर दौड़ रहे वाहनों की गति इतनी तेज होती है कि राह चलते लोग खुद साइड में होे जाते हैं। कई बार तो सुबह मार्निंग वाक को निकलने वाले लोग भी इन वाहनों की चपेट में आ गए हैं।
जेसीबी से कराई जाती है खुदाई
रात के अंधेरे में जेसीबी से खोदाई का कार्य कराया जाता है। इससे एक ट्राली, डंपर को भरने में बमुश्किल 15 मिनट लगते हैं।

वन विभाग की जमीन को भी नहीं बख्श रहे
खनन माफिया वन विभाग की जमीन को भी नहीं बख्श रहे। यमुना तलहटी से सटी वन विभाग की जमीन पर धड़ल्ले से जेसीबी चल रही हैं। यहां से मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्राली और डंपर में ढोया जा रहा है।

अवैध खनन की जानकारी नहीं है। हो सकता है खनन माफिया प्रशासन के चुनाव में फंसे होने का लाभ उठा रहे हों। छापामार कार्रवाई कर अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

एसपी सिंह, उपजिलाधिकारी, टूंडला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें