फिरोजाबाद। 36 घंटे से ज्यादा समय तक सैलई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) की बिजली सप्लाई बंद रही। प्लांट पर बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाने के कारण शहर में गंगाजल की आपूर्ति दूसरे दिन भी पूरी तरह प्रभावित रही। पूरा शहर बूंद-बूंद पानी से जूझता दिखा। सोशल मीडिया पर जमकर विभाग की खिंचाई की गई। इसके बाद सदर विधायक मनीष असीजा ने सोशल मीडिया पर खुले मंच से पानी की दिक्कत दूर करने के लिए कवायद की। जिन इलाकों में पानी नहीं था, उन इलाकों में नगर आयुक्त से बातकर तत्काल टैंकर भिजवाया। वहीं नगर निगम जलकल विभाग पर टैंकर से पानी सप्लाई का बोझ बढ़ गया।बारिश के कारण जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रही सुहागनगरी की जनता को बुधवार और बृहस्पतिवार को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा। पेयजल किल्लत के कारण निगम के जलकल विभाग में कंट्रोल रूम का फोन लगातार घनघनाता रहा। निगम सूत्रों के मुताबिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर बीते बुधवार की शाम से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाने के कारण समूचे शहर में प्लांट से पानी की सप्लाई प्रभावित रही। शाम पांच बजे तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। वहीं सैलई प्लांट से पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण नगर निगम के जलकल विभाग पर टैंकरों से पानी की सप्लाई का बोझ बढ़ गया।
कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार बृहस्पतिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में शिकायत मिलने पर पानी की सप्लाई को 100 से अधिक टैंकर भेजे गए।
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शहर में प्रमुख टंकियां रहीं खाली
शहर में गंगाजल आपूर्ति के लिए रसूलपुर, सत्यनगर टापा कला, विभवनगर, हनुमान जलाशय, रसूलपुर और मोहल्ला गढ़ैया में पानी की टंकियां स्थापित हैं। लगभग 20 एमएलडी से अधिक पानी की क्षमता वाली टंकियां प्लांट से पानी की आपूर्ति नहीं मिल पाने के कारण खाली रहीं। यही कारण रहा कि तिलकनगर, बौद्याश्रम रोड, दुर्गानगर, सरस्वती नगर, कोटला मोहल्ला, चौकी गेट, रसूलपुर, जलेसर रोड, आसफाबाद, रामनगर आदि इलाकों में दो लाख से ज्यादा परिवारों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ा।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर बिजली आपूर्ति बीते 36 घंटे से प्रभावित है। पंपिंग मशीनें बंद होने के कारण टंकियों तक पानी नहीं पहुंचा। फिलहाल टैंकरों से पानी की सप्लाई दी जा रही है।तारकेश्वर पांडेय, एक्सईएन जलकल