एका (फिरोजाबाद)। थाना क्षेत्र के गांव कबिलपुर में आम तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरे एक श्रमिक की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। परिजन ने खेत मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद घायल को घंटों तड़पता हुआ खेत में ही छोड़ दिया गया। यदि समय से इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है।
गांव कबिलपुर निवासी बालकिशन राजपूत सोमवार सुबह करीब नौ बजे गांव के ही सुनील उर्फ शैलेंद्र (40) को अपने खेत पर लगे पेड़ से कच्चे आम तोड़ने के लिए ले गए थे। दोनों के बीच आधी बटाई पर आम तोड़ने की बात तय हुई थी। पेड़ पर चढ़कर जब सुनील आम तोड़ रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह ऊंचाई से सीधे नीचे जमीन पर आ गिरा, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी और बाहरी चोटें आईं।
खेत मालिक की बिगड़ी तबीयत, घायल को छोड़ खुद भागे आगरा
परिजन का आरोप है कि सुनील को लहूलुहान हालत में गिरता देख खेत मालिक बालकिशन की खुद की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तेज घबराहट होने लगी। इस पर उनके बेटे सोनू और मोनू अपने पिता बालकिशन को इलाज के लिए सीधे आगरा लेकर भाग खड़े हुए। इस अफरा-तफरी के बीच गंभीर रूप से घायल सुनील घंटों खेत में ही अकेला पड़ा तड़पता रहा और उसे तत्काल कोई प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका। काफी देर बाद जब खेत मालिक के बेटे सोनू, मोनू और सुनील के भाई गीतम सिंह खेत पर पहुंचे, तब जाकर घायल सुनील को इलाज के लिए पाढ़म ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल एटा के लिए रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में सुनील ने दम तोड़ दिया। मृतक के भतीजे राजेश ने सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप मढ़ते हुए कहा कि उसके चाचा को तड़पता हुआ छोड़ दिया गया था। मृतक सुनील चार भाइयों में सबसे छोटा था और अभी अविवाहित था। सीओ जसराना प्रेमशंकर पांडेय ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया है। इस संबंध में परिजन की तरफ से तहरीर मिलने पर मामले की गहनता से जांच कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।