प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरगढ़ के प्रांगण में गुरुवार को लगे नसबंदी ऑपरेशन शिविर में हद दर्जे की लापरवाही बरती गई। नसबंदी करने के बाद कई महिलाओं को पलंग तक नसीब नहीं हुए। उन्हें जमीन पर ही लिटा दिया गया। महिलाओं के परिजन व्यवस्थाओं के लिए चिकित्सकों और चिकित्सा स्टाफ की ओर ताकते रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरगढ़ पर गुरुवार को नसबंदी ऑपरेशन कैंप का आयोजन किया गया था। नसबंदी कराने को 19 महिलाओं का पंजीयन किया था इसमें 17 महिलाओं को ऑपरेशन के काबिल पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने भले ही कैंप का आयोजन किया हो, लेकिन यहां महिलाओं को लिटाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीं पर ही लिटा दिया गया। इनमें रेनू पत्नी कुलदीप सिंह, सीमा पत्नी संजय, गीता पत्नी संत कुमार निवासी कसबा खैरगढ़ तथा माला पत्नी विनोद कुमार, संजू देवी व प्रतापपुर निवासी वीरवती पत्नी कोमल सिह, सनौरा निवासी सविता पत्नी वासुदेव, हेमलता पत्नी मानपाल सिंह सांखनी, कल्पना देवी पत्नी अनुराग नगला शीश, किरन पत्नी प्रमोद नगला किरार, नीलम पत्नी भीकमसिंह निवासी भामई शामिल थे। बताते हैं कि कई महिलाओं के परिजनों ने जमीन पर लिटाए जाने का विरोध भी किया। परंतु पीएचसी खैरगढ़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रामप्रकाश का दूसरी मंजिल पर पलंग होने की कहकर थोड़ी देर के लिए जमीन पर लिटाने की बात कही।
छत्तीसगढ़ की घटना से नहीं लिया सबक --
छत्तीसगढ़ में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान ही लापरवाही के कारण कई महिलाओं की मौत हो गई थी। इस घटना से भी चिकित्सकों व चिकित्सा स्टाफ ने कोई सबक नहीं लिया।
पीएचसी खैरगढ़ में नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीं पर लिटाए जाने का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसे किया गया है तो पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डा. एनएल यादव
सीएमओ फीरोजाबाद।