राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन, जनपद के स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष की एक दिवसीय कार्यशाला पालीवाल ऑडीटोरियम में आयोजित की गई। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया।
डीएम विजय किरन आनंद ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जाने वाले कार्य डेयरी, भैंस पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, डेयरी उत्पादन, मशरूम, वर्मी कंपोस्ट, फल संरक्षण, दलिया, आलू चिप्स नमकीन, पापड़, अचार बनाने के लिए प्रेरित किया।
डीएम ने आश्वासन दिया कि महिलाएं द्वारा जिस चीज का उत्पादन किया जाएगा, उसी बिक्री का भी इंतजाम किया जाएगा। यदि महिलाएं दलिया आदि बनाती हैं, तो मिड-डे मील या आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसका प्रयोग किया जाएगा।
प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी रत्नेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन योजना का उद्देश्य बीपीएल परिवारों का स्वरोजगार स्थापित करना है। 10-20 महिलाओं के समूह गठित कर बैंक खाते खुलवाएं।
पीडी सर्वेशचंद्र यादव ने समूह अध्यक्ष को पंचसूत्र अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें नियमित बैठक, बचत, आपसी लेनदेन, ऋण वापसी और नियमित बुक कीपिंग करने की सलाह दी। कार्यक्रम में डीएम विजय किरन आनंद, सीडीओ सुजीत कुमार, पीडी सर्वेशचंद्र यादव, आरसेटी निदेशक युगपाल सिंह, नाबार्ड प्रबंधक स्नेहलता आदि मौजूद थे।