जिला महिला अस्पताल में राज्य का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया
भारत सरकार की टीम के आगमन से पूर्व स्वास्थ्य विभाग में तैयारियां तेज हो गई हैं। ऐसे में पांच टीमें लखनऊ से पुन: निरीक्षण के लिए पहुंच चुकी हैं। पूर्व में दिए आदेश का कितना पालन हुआ? यह सब टीम परखने आई है। टीमें अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कर रही हैं। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों से महिला सीएमएस की नोकझोंक भी हो गई।
आरआई के उप महाप्रबंधक डा. विकास सिंघल, मोहम्मद फि रोज समन्वयक एवं डीपीएम सरजू खान निरीक्षण के लिए महिला अस्पताल पहुंची। यहां पूर्व में निर्देशों पर किए कार्यों की समीक्षा की गई। उप महाप्रबंधक डॉ. विकास सिंघल ओपीडी देखने आए। यहां उन्होंने मरीज को होने वाली असुविधाओं को समझा। चिकित्सक को दिखाने के इंजतार में गर्भवती महिलाएं जमीन पर बैठी और लेटी थी। संपूर्णा क्लीनिक के नाम पर खाली बैठी डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ ने महाप्रबंधक से कहा कि इतनी भीड़ पर आप भी ओपीडी कर सकती हो। वहीं, इमरजेंसी कक्ष में बैठी चिकित्सक से ओपीडी करने को कहा लेकिन महिला सीएमएस डॉ. उपमा सिंह टीम पर भड़क गईं। उन्होंने तीखे अंदाज में अस्पताल के कर्मचारी से चिकित्सक को ऑपरेशन छोड़कर ओपीडी में आने को कहा। इस पर उप महाप्रबंधक डॉ. विकास सिंघल और सीएमएस डॉ. उपमा सिंह के बीच नोकझोंक हो गई। ओपीडी में निरीक्षण के दौरान ड्यूटी कर रही डॉ. मंजू भारती एवं डॉ. सुनीता ने आया एवं चौकीदार की मांग की। प्रसव कक्ष में पर्दे नहीं थे। तमाम अव्यवस्थाएं प्रसव महिला अस्पताल के कक्ष में मिलीं।
फरिहा में क्षेत्रीय लोगों ने टीम को सुनाई खरीखोटी
फरिहा। कस्बे के अस्पताल का डॉ. सपना दास के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया। यहां टीम को क्षेत्रीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ी। क्षेत्रीय लोगों ने नारेबाजी करते हुए टीम को जांच के नाम पर खानापूरी करने का आरोप लगाया। क्षेत्रीय लोगों ने विधायक जसराना से फोन पर वार्ता की।