प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही शनिवार की मध्य रात नगर में गिरजाघरों के घंटे गूंज उठे। ईसाई समाज ने विशेष प्रार्थना सभा की। साथ ही केक काटकर एक दूसरे को बधाइयां दी। इस दौरान गिरजाघरों को झालरों से सजाया गया था। साथ ही आतिशबाजी भी की गई। इस मौके पर समाज के लोगों ने घरों में क्रिसमस-ट्री सजाया।
क्रिसमस-डे की पूर्व संध्या पर ईसाई समुदाय के लोग त्योहार की तैयारी में लगे रहे। इस दौरान उन्होंने कैंडल जलाकर प्रभु यीशु की प्रार्थना की। साथ ही उनके जन्म की झांकी भी सजायी। इस मौके पर नगर के सबसे पुराने ईस्ट इंडिया काल में निर्मित चर्च पर विशेष आयोजन किए गए। रात में 11: 45 बजे विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। मध्य रात 12 बजते ही गिरजाघरों के घंटे बजने शुरू हो गए।
इसी के साथ ईसाई समुदाय के लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। साथ ही सभी ने एक दूसरे को प्रभु यीशु के जन्म की बधाइयां दीं। लोगों ने सेंटा क्लाज बनकर बच्चों को गिफ्ट बांटे तो वहीं घरों में बनाये गये क्रिसमस-ट्री पर से भी बच्चों ने उपहार प्राप्त किये। इस मौके पर फादर एंड्रूज कोरिया ने बताया कि 25 दिसंबर को सामूहिक रूप से केक काटा जाता है। एक-दूसरे को क्रिसमस-डे की बधाई दी जाती हैं।