गर्भवती माताओं की सेहत की घर-घर जाकर जांच करने को 14 से 21 अक्तूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जांच के बाद ब्लाक स्तर पर विशेष क्लीनिक पर उपचार किया जाएगा।
सीएमओ डॉ पुष्कर आनंद ने गुरुवार को होटल शिवम में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृत्व सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। 14 से 21 अक्तूबर तक इसका आयोजन होगा। इस खास अभियान में आशा व एएनएम घर घर जाकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। कोई बीमारी या फिर खून की कमी मिलने पर उनका अलग से कार्ड बनाएंगी। इन सभी महिलाओं के उपचार के लिए 24 व 25 अक्तूबर को ब्लाक स्तर पर क्लीनिक आयोजित होगी। बड़ी बीमारी मिलने पर उन्हें हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में रखकर विशेष कार्ड जारी किया जाएगा। उनके लिए प्रसव की स्थिति में अस्पताल में विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
मिलेगी प्रोत्साहन राशि
महिलाओं में खून की कमी या फिर कोई अन्य गंभीर स्थिति की जानकारी के लिए आशा व एएनएम को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। आशा या एएनएम हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं को खोजकर उनका उपचार कराएंगी उन्हें विभाग की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।