फिरोजाबाद। द्वितीय अपर सिविल जज (जूनियर डिविजन) प्रशांत की कोर्ट से दहेज की मांग और क्रूरता के आरोपों से तीन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है। साक्ष्यों के अभाव और मुख्य गवाह के बयानों में आए विरोधाभास के कारण आरोपी दिलीप कुमार, उनके पिता आशाराम और माता गुड्डी देवी को बरी किया गया है।
रोशनी निवासी इंद्रपुरी, उत्तर ने आरोप लगाया था कि 17 अप्रैल 2018 को दिलीप कुमार निवासी कबीर नगर, उत्तर के साथ शादी हुई थी। पति व सास, ससुर द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। 22 अक्टूबर 2018 को ससुराल वालों ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर जान से मारने की कोशिश की थी।
मगर, कोर्ट में ट्रायल के दौरन रोशनी अपने पहले के बयानों से पूरी तरह पलट गई। उसने स्वीकार किया कि ससुराल वालों ने कभी दहेज नहीं मांगा और न ही उसके साथ कोई मारपीट की। उसने यह भी कहा कि उसने लोगों के बहकावे में आकर यह मुकदमा दर्ज कराया था। साक्ष्यों व गवाही के अभाव में अदालत ने तीनों आरोपियों बरी कर दिया है।