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गलत हाथों में चली गई जिला पंचायत की बागडोर

Sun, 31 Jan 2016 11:22 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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ताज कार रैली के बहाने अखिलेश यादव ने आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे की जमकर ब्रांडिंग की और इसके फायदे गिनाए।  उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ का एक्सप्रेसवे विकास का पथ बनेगा। दिल्ली और लखनऊ के बीच की दूरी घटेगी। इससे सुहागनगरी के कांच उद्योग को सबसे बड़ा फायदा होगा। एक्सप्रेसवे के किनारे एक्सपो मार्ट बना तो व्यापार को चार चांद लगेंगे। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेश में तीस हजार नई नौकरियां निकालने की घोषणा भी की।
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कार रैली का मंच से उन्होंने कहा कि नेताजी का सपना है कि इस सरकार के दौरान ही इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो जाए। प्रदेश सरकार ने किसानों की सहमति से जमीन ली है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण से अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। रोड ने अमेरिका को बनाया, अमेरिका ने रोड नहीं बनाई। सबसे अच्छी सड़कें सपा सरकार बना रहीं हैं। आज किसान और नौजवान संकट में हैं। प्रदेश  सरकार ने इनके लिए तरक्की का रास्ता  खोला है। सड़कें बनेगी तो किसान का कारोबार बढ़ेगा और रोजगार के मार्ग  खुलेंगे। इसके किनारे मंडियां बनाई जाएंगी। एक्सप्रेसवे से किसानों की फसल कम समय में बड़ी मंडियों तक पहुंचेगी। कम लागत में चीजें जनता तक पहुंचेगी तो सभी को लाभ होगा। पुलिस में भर्ती के लिए अब परीक्षा नहीं देनी होगी महज फिजिकल पास करने से ही युवा वर्दी पा सकेंगे।  एमएलसी का चुनाव होने जा रहा  है, अब केवल मुख्य चुनाव बचा है, चुनाव के लिए कार्यकर्ता तैयार हो जाएं।  
कहां गई बुआ और अच्छे दिन वाले
मुख्यमंत्री ने  विरोध दलों पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अच्छे दिन वाले कहां गए। कूड़ा हटाने वाले कहां है हर जगह गंदगी है। केंद्र की हर योजना छलावा है। बसपा अध्यक्ष मायावती का नाम लिए बिना कहा कि हमारी बुआजी कहां गई, उनका तो कुछ पता नहीं  चल रहा।
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सीएम का दर्द झलका, बोले फीरोजाबाद के  नेताओं ने सिखा दी राजनीति
कार्यक्रम में रामगोपाल यादव और अक्षय के नहीं पहुंचने पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। मुख्यमंत्री कार्यक्रम और भाषण से यह भी साफ हो गया कि सपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव और उनके पुत्र सांसद अक्षय यादव ने कार्यक्रम से किनारा किया। इस पर सवाल भी उठे। जिला पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि गलत हाथों में बागडोर चली गई, साथ ही मंच पर बैठे कुछ नेताओं पर तंज किया कि ‘इन नेताओं उन्हें राजनीति सिखा दी।’  
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने भाषण में न तो जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम नहीं लिया और न ही जिला पंचायत में हुई जीत का जिक्र किया। उल्टे तंज किया कि जिला पंचायत का निर्वाचन ठीक नहीं हुआ। गलत लोगों के हाथों में बागडोर चली गई है, लेकिन वह इसे जनता का फैसला मानते हैं। अब सीधे संवाद का समय आने वाला है। बिना नाम लिए  जिले के कुछ नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि वह तो महज पार्टी वर्कर थे, फीरोजाबाद के इन नेताओं ने उन्हें राजनीति करना सिखा दिया। उनकी इस टिप्पणी को 2009 के फीरोजाबाद लोकसभा के उप चुनाव में हुई डिंपल यादव की हार से जोड़कर देखा जा रहा है और निशाने पर एक विधायक थे। कुछ पदाधिकारियों का नाम लेते हुए कहा कि शिकायतें मिल रहीं हैं सुधार करो। उधर, कार्यक्रम में सपा महासचिव राम गोपाल यादव और उनके पुत्र अक्षय यादव नहीं पहुंच पर भी चर्चाएं शुरू हुई। मंच और भीड़ के सवाल सीएम अखिलेश यादव के कानों तक पहुंचे तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा किसी कार्यक्रम में जाने की वजह से नहीं पहुंचे होंगे। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो सपा महासचिव और सांसद अक्षय यादव ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाने की बात पहले ही तय कर ली थी और स्थानीय नेताओं को उसी अनुसार निर्देश भी दिए थे।


ये रहे मौजूद
इस दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन, सपा जिलाध्यक्ष डा. दिलीप यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह यादव, विधायक हरिओम यादव, रामवीर यादव, असीम यादव, पूर्व विधायक झाऊलाल यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामसेवक यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र चंचल, यादव महासभा के जिलाध्यक्ष भूरी सिंह यादव, शैलेंद्र वाल्मीकि, मुकेश वाल्मीकि, राजकुमार राठौर, बंटू कठेरिया, आदर्श यादव धन्नू, अंशुल विक्रम, पूर्व चेयरमैन सरोज शर्मा, शिव कुमार राठौर, यतेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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